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मुंबई: एक ही व्यक्ति कर चुका 15 से ज्यादा बच्चियों के साथ रेप, पुलिस के पास कोई सबूत नहीं

Tue, 25 Sep 2018 01:14 PM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला
क्राइम डेस्क, अमर उजाला Updated Tue, 25 Sep 2018 01:14 PM IST
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Man sexaully assaulted more than 15 minor girls in Mumbai, police does have any proof

नवी मुंबई पुलिस ने एक सीरियल चाइल्ड रेपिस्ट के बारे में पता चला है जो बीते 2 सालों में 15 से ज्यादा लड़कियो के रेप और छेड़छाड़ की वारदात को अंजाम दे चुका है। ये वो आंकड़ों हैं जो दर्ज हुए हैं। कई मामलों में तो केस भी दर्ज नहीं हुए होंगे। उसने नवी मुंबई, थाणे, नलासपोरा में वारदातों को अंजाम दिया है। सबसे ज्यादा मामले 2016 के बाद नवी मुंबई में दर्ज हुए हैं। अधिकतर मामलों में पुलिस ने डीएनए सैंपल भी नहीं लिए हैं।

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इस बारे में पूछे जाने पर पुलिस कमिश्नर का कहना है कि पीड़ितों से डीएनए सैंपस लिए जाएंगे। अगर पीड़ितों ने उन कपड़ों को नहीं धोया होगा। आंकड़ों के मुताबिक इस आरोपी के खिलाफ पहला मामला अक्टूबर, 2016 में दर्ज हुआ था। इस मामले में उसने एक 10 साल की बच्ची का रेप किया था। इसके बाद भी रेप के कई मामले सामने आते रहे लेकिन पुलिस आरोपी का पता लगाने में नाकाम रही। लेकिन फिर इसी साल जून में पुलिस ने सीसीटीवी की मदद ली। जिसके बाद उन्हें पता चला कि एक ही व्यक्ति बच्चियों को लगातार शिकार बनाता जा रहा है।
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वहीं बीते 10 दिनों में नलासपोरा में वह दो और बच्चियों के साथ रेप कर चुका है। सीसीटीवी फुटेज के मिलने से पुलिस को केवल इतना ही पता चल पाया है कि सारी वारदातों के पीछे एक ही व्यक्ति है। लेकिन पुलिस अभी भी उसकी पहचान नहीं कर पाई है। जुलाई 2017 में हुए रेप के बारे में खारगर पुलिस के अफसर ने कहा कि उनके पास पीड़िता के बयान के अलावा और कोई सबूत नहीं है। वहीं एक अन्य अफसर ने कहा कि जिस वक्त वारदात की शिकायत आई उस वक्त वह थाने में नहीं थे।
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ठीक से एकत्रित नहीं किए सबूत

अगस्त 2017 में दर्ज हुए केस में सबूत के तौर पर एपीएमसी पुलिस के पास केवल मेडिकल सर्टिफिकेट है। एक वरिष्ठ इंस्पेक्टर का कहना है कि केस पुराना हो चुका है और सैंपल भी नहीं लिए गए।  

बीते साल कोपरखाने और सीबीडी पुलिस स्टेशन में दर्ज हुए दोनों मामलों में ही आरोपी के खिलाफ कोई भी सबूत नहीं हैं। कोपरखाने पुलिस के एसपीआई का कहना है, 'मुझे नहीं पता कि हमारे पास किस तरह के सबूत हैं और ये भी नहीं पता कि जांच करने वाले पुलिस अधिकारी ने बुनियादी सबूत क्यों नहीं एकत्रित किए।'

 
नवी मुंंबई के पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कहा, 'मुझे नहीं पता अफसरों ने पहले किस तरह के सबूत एकत्रित किए थे। लेकिन अब मैंने उन्हें कहा है कि पीड़िताओं के कपड़ों से डीएनए एकत्रित करना शुरू करें। अगर उन्होंने उन कपड़ों के नहीं धोया है तो हम अभी सबूत के लिए उनका इस्तेमाल कर सकते हैं।'

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