गया था भगवान के दर्शन करने, पुजारी का कान काट लिया
- मंदिर में जूते पहनने से मना किया तो हिंसक हो गया श्रद्धालु
- टोका-टाकी से तंग आए श्रद्धालु ने पुजारी का कान काट लिया
- पुलिस का सिपाही बचाने आया तो उसकी भी मरम्मत कर दी
- पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मुकर्दमा दर्ज किया
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शिवरात्रि का पर्व था तो मंदिर में श्रद्धालुओं की लाइन लगी थी। माहौल भक्तिमय था। श्रद्धालु एक-एक करके आगे बढ़ रहे थे और बम भोले के जयकारों के साथ दर्शन करते जा रहे थे। तभी अचानक भक्तिमय माहौल हिंसा के द्वंद में बदल गया। एक शख्स ने मंदिर के बुजुर्ग पुजारी पर हमला कर दिया। आरोपी ने पुंजारी के एक कान और हाथ की उंगली दातों से काट ली।
वारदात महाराष्ट्र के ठाणे की है। पुलिस ने आरोपी को दबोचकर मुकदमा दर्ज कर लिया है। वारदात के दौरान मंदिर की सुरक्षा में तैनात एक सिपाही पर को भी शिकार बनाया गया। जिसकी शिकायत के आधार पर आरोपी को धर लिया गया।
मिडडे की खबर के मुताबिक ठाणे के श्रीनगर इलाके में स्वयंभू अमरनाथ मंदिर में शिवरात्रि के पर्व की वजह से श्रद्धालुओं का जमघट लगा था। सभी श्रद्धालु लाइन में लगकर दर्शन करने के लिए आगे बढ़ रहे थे तभी लाइन तोड़ते हुए और जूते पहनकर आगे बढ़ते हुए एक शख्स पर पुजारी की नजर गई।
पुलिस के मुताबिक 70 वर्षीय बाबूराव गंगाराम पाटिल मंदिर के टेंपरेरी पुजारी हैं जिन्हें शिवरात्रि पर श्रद्धालुओं की भीड़ को मैनेज करने के काम पर लगाया गया था। बाबूराव की नजर 40 वर्षीय शिवाजी नाना सालुके पर पड़ी को उन्होंने देखा कि सालुंके नियम-कायदों को ताक पर रख जूते पहनकर मंदिर में घुसआया है। बाबूराव ने देखा कि सालुंके पंक्ति को भी तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा था।
मंदिर में पुजारी से हुई कहा-सुनी तो काट लिया कान
तभी बाबूराव ने सालुंके को टोका तो सालुंके गुस्से से आगबबूला हो गया। दोनों में बात इतनी बढ़ गई की सालुंके हमलावर हो गया। सालुंके ने आव देखा न ताव और बाबूराव का दायां कान और दाएं हाथ की तर्जनी उंगली मुंह में गपक ली और दातों से काटकर घायल कर दिया।
चश्मदीदों ने जैसे-तैसे हमलावर सालुंके की पकड़ से पुजारी को निकाला और सालुंके पर लात-घूसों की बरसात कर दी। उसी दौरान मंदिर की सुरक्षा की तैनाती में लगे पुलिस के सिपाही 31 वर्षीय तौसीफ पठान शोर-शराबा सुनकर मौका-ए-वारदात पर पहुंचे तो देखा भीड़ सालुंके को धुन रही थी। पठान ने पोजिशन लेते हुए सालुंके को भीड़ के लात-घूसों से बचाया और पीने के लिए पानी दिया।
लेकिन बजाय शुक्रिया अदा करने के सालुंके सिपाही पर ही बरस पड़ा और गिरेबान पकड़ कर हमला कर दिया।
सालुंके की हरकत से मंदिर का माहौल अफरा-तफरी में बदल चुका था। पुलिस ने हिंसक हुए सालुंके को गिरफ्तार कर लिया और थाने ले गए। सिपाही तौसीफ पठान की तहरीर पर सालंके के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। वहीं सालुंके के हमले से घायल हुए पुजारी को प्राथमिक उपचार के लिए पास के क्लीनिक ले जाया गया।
पुलिस की मानें तो संभावना इस बात की भी लग रही है कि सालुंके ने नशे में धुत होकर वारदात को अंजाम दिया हो।