वेश्यावृति के दलदल से निकली पीड़िता बनना चाहती है IPS ऑफिसर, पढ़ें दर्दनाक दास्तां
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश में महिलाओं के खिलाफ हिंसा और उनकी आजादी के नारे जितने भी लगा लिए जाए, लेकिन असल में महिलाएं घर-परिवार, अंदर-बाहर- रेप, यौन शोषण और अपहरण की शिकार हैं। इसका उदाहरण मैसूर की साक्षी (बदला हुआ नाम) है, जिसकी उम्र से पहले ही शादी कर दी गई थी। साक्षी को जिस रिश्ते में जबरन बांधा गया था, उसमें पति की उम्र उससे कई ज्यादा थी।
आंध्र प्रदेश का रहने वाले पति और ससुराल वाले उसे रोज किसी-न-किसी तरीके प्रताड़ित करते थे। एक दिन ससुराल वालों को पता चला कि साक्षी प्रेग्नेंट है तो वे उसके ऊपर गर्भपात का दबाव बनाने लगे। क्रूरता की हदें यहां तक नहीं टूटी थी बल्कि यह तो शुरुआत थी।
हर रोज पांच से छह ग्राहक उसका यौन शोषण किया करते थे
इंडियन एक्स्प्रेस की खबर के मुताबिक आयशा की कहानी का काला सच क्रूली स्ट्रीट मीडिया ने एक वीडियो के जरिए दुनिया के सामने रखा है। इस वीडियो में बताया गया है कि साक्षी को उसके पति राजीव ने करीब दस हजार रुपये में बेचा था।
उसने कहा कि जैसे जानवरों के साथ व्यवहार किया जाता है वैसे ही मुझे मेरे पति ने बेचा था। डरी और सहमी रहने वाली साक्षी के एक और सच से किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाऐंगे। उसने बताया कि हर रोज पांच से छह ग्राहक उसका यौन शोषण किया करते थे।
क्रूरता के लिए साक्षी अपने परिवार को जिम्मेदार मानती है
इस बीच ग्राहकों का आना-जाना चलता रहा। एक दिन एक ग्राहक ऐसा आया जिसने साक्षी की मदद की वहां से निकलने के बाद शख्स ने पुलिस को खबर दी और साक्षी को बचाया।
डिप्रेशन का शिकार होने की बजाय मिसाल कायम कर रही है
बॉक्सिंग सीख रही साक्षी का कहना है कि वो उस डरावने पलों को इसके जरिए भूल पाती है, साथ ही बॉक्सिंग उसे हिम्मत और अच्छा महसूस भी करवाती है।