संदीप गडोली एनकाउंटर की कहानी: गर्लफ्रेंड बातों में आकर भिवाड़ी में ही छोड़ दी थी पिस्टल
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दिल्ली से सटे शहर गुड़गांव की पुलिस ने मुंबई में गैंगस्टर संदीप गड़ोली को एक कथित एनकाउंटर में मार गिराया था। लेकिन इस मुठभेड़ को मुंबई पुलिस ने फर्जी साबित कर दिया है। पुलिस ने दावा किया है कि गुड़गांव पुलिस के जिस दरोगा ने बदमाश संदीप की गोली मारी थी वह अंडरवर्ल्ड से जुड़ा था। यानी अंडरवर्ल्ड के इशारे पर ही पुलिस ने संदीप गड़ोली की हत्या की थी।
मुंबई पुलिस ने गुड़गांव पुलिस के इस फर्जी एनकाउंटर के आरोपी दरोगा और उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया। चूंकि गैंगस्टर गडोली बहुत ही शातिर बदमाश था इसलिए उसे मारना आसान काम नहीं था। इसे लेकर मुंबई पुलिस ने जब आरोपियों पुलिस वालों से पूछताछ की तो सनसनीखेज जानकारियां सामने आईं।
गडोली का एनकाउंटर करने वाले दरोगा प्रद्युम्न यादव ने बताया कि किस तरह से उसके पास एक लड़की भेजकर उसे फंसाया गया और फिर उस लड़की की मदद से उसकी हत्या की गई। पुलिस ने यह भी बताया कि गडोली की उसकी बनावटी गर्लफ्रेंड ने किस तरह से निहत्था कर दिया जिससे कि पुलिस उसको आराम से मार सके।
जो काम पुलिस नहीं कर पाई उसे गर्लफ्रेंड ने किया
मिड-डे की रिपोर्ट के अनुसार, गुड़गांव के शातिर गैंगस्टर संदीप गडोली का जो काम सालों से पुलिस नहीं कर पाई वह काम उसकी गर्लफ्रेंड दिव्या पहूजा ने कुछ ही महीने में कर दिया। गडोली का एनकाउंटर करने के प्लान में दिव्या के अलावा पांच पुलिस वाले और चार आम नागरिक शामिल थे।
गडोली का एक दोस्त था मनीश खुराना जो खुद का होटल चलाता था। मनीश ने गडोली को दिव्या से दोस्ती कराई। मनीश ने गडोली को बताया कि यह लड़की उसके होटल में काम करती है। इसके बाद पुलिस ने दिव्या और मनीश से कहा कि वे गडोली को बिना हथियार के मुंबई आने के लिए मनाए।
गडोली की बहन ने पुलिस को बताया कि उसका भाई हमेशा अपनी सुरक्षा के लिए अपने साथ एक छोटा हथियार रखता था। लेकिन दिव्या और मनीश ने उसके भाई को समझाया कि वह अपना हथियार राजस्थान के भिवाड़ी में छुपाकर मुंबई जाए जहां वह हमेशा छुपता है।
भिवाड़ी में हथियार छुपाने के बाद गडोली मनीश, दिव्या, दीपक और दो अन्य विदेशी लड़कियों के साथ मुंबई गए। गडोली की बहन के बताया कि यह सारी जानकारी उसे उसके भाई कुलदीप से मिली जो मनीश से मिला था।
दरोगा प्रद्युम्न ने मारी थी तीन गोलियां
गडोली के बिना हथियार के होने कारण ही पुलिस उसे मार पाई थी। गुड़गांव पुलिस के दरोगा प्रद्युम्न यादव ने ही गडोली के सीने में तीन गोलियां मारी थीं।
गडोली का एनकाउंटर करने के बाद गुड़गांव पुलिस ने दावा किया था कि वह गडोली को पकड़ना चाहते थे लेकिन उसने उन पर फायर झोंक दी थी इसलिए जवाबी फायरिंग में उसे मार गिराया गया।
जबकि सीसीटीवी फुटेज में सामने आया है कि गडोली निहत्था था। उसकी हत्या करने के बाद एक पिस्टल उसकी जेब में डाला गया था। इस पिस्टल के बारे में पुलिस ने कहानी बनाई गडोली ने इस पिस्टल को बंगलूरू के एक अफसर से लूटी थी। जबकि उसकी बहन ने बताया कि गडोली कभी भी बंगलूरू नहीं गया।
गडोली के निहत्था होने की बाद उसके दोस्त मनीश ने भी पुलिस को बताई है।