महिला डॉक्टर की क्रूरता, बोली- रेप पीड़िता को ले जाओ नहीं तो फिंकवा देंगे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इलाहाबाद में 13 साल की दिव्यांग लड़की से सामूहिक बलात्कार ने हर किसी को हिला कर रख दिया। अतरसुइया इलाके की इस घटना के बाद परिजनों के साथ ही पुलिसवाले भी बालिका की दशा देख दुखी थे लेकिन डफरिन अस्पताल की महिला डॉक्टर ने वैसी ही बेरहमी दिखाई।
अस्पताल प्रशासन की क्रूरता तब सामने आने लगी जब इलाज में टालमटोल किया फिर टांके लगाने के बाद महिला डॉक्टर बोली कि लड़की को यहां से ले जाओ वरना बाहर फेंक दिया जाएगा।
दरअसल, डफरिन अस्पताल में पहले तो बालिका को डफरिन में भर्ती करने से ही नकार किया। लेकिन दाखिल करने के बाद टाके लगाने पर डॉक्टर संवेदनहीन बयान दे दिया। यह सुनकर बालिका के माता-पिता रोने लगे। वे डॉक्टर से हाथ जोड़कर बेटी का इलाज करने की मिन्नत करने लगे।
दूसरे अस्पताल ले जाने में हो जाती बड़ी मुसीबत
एसपी सिटी विपिन टाडा ने बताया कि डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई के लिए रिपोर्ट अफसरों को भेजी जाएगी। इतना ही नहीं डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई के लिए स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट दी जा रही है। इस बीच पुलिस ने गैंग रेप करने वाले दो लोगों के साथ ही बालिका को आरोपियों के पास ले जाने वाले युवक को भी गिरफ्तार कर लिया, जिन्हें जेल भेजा गया है।
टॉफी दिलाने के बहाने उसे साथ ले गए दरिंदे
गैंग रेप के मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों में एक 45 साल का ट्राली चालक है। बालिका से ज्यादा उम्र के उसके दो बच्चे हैं। रेप का दूसरा आरोपी 22 साल का है जो कबाड़ का काम करता है जबकि तीसरा युवक भी दिव्यांग है। वह बोल नहीं सकता। वह बालिका को उस रोज कब्रिस्तान के निकट दोनों आरोपियों के पास ले गया था। उसने घटना के बाद भी कुछ नहीं बताया इसलिए पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है।
वे लड़की को टाफी दिलाने के बहाने कब्रिस्तान के पास पहुंचे। वहां से आरिफ बालिका को गोद में उठाकर कब्रिस्तान के भीतर ले गया। वहां उन दोनों ने बालिका के साथ दरिंदगी की। वह लहूलुहान होकर रोने लगी तो दोनों उसे छोड़कर भाग गए। बालिका घर जाकर बेसुध हो गई तो परिजनों को हैवानियत का पता चला। पुलिस ने बालिका के पड़ोसी सुफियान को भी गिरफ्तार कर लिया क्योंकि उसने घटना छिपा ली थी।