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फर्जीवाड़ा: SSP का फर्जी दस्तखत करके, दिया 15 सिपाहियों के तबादले का आदेश
ब्यूरो/ अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 29 Sep 2016 12:38 PM IST
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पुलिस ऑफिस में बतौर लिपिक तैनात राणा प्रताप यादव ने एसएसपी का फर्जी दस्तखत कर 15 सिपाहियों के तबादले का आदेश जारी कर दिया। बुधवार को मामला पकड़ में आने के साथ ही महकमे में हड़कंप मच गया। प्रधान लिपिक से लगायत अन्य जिम्मेदारों को फटकार लगाते हुए एसएसपी ने राणा प्रताप यादव के खिलाफ कैंट इंस्पेक्टर को मुकदमा दर्ज करने और गिरफ्तार करने का आदेश दिया।
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तत्काल मुकदमा दर्ज कर कैंट इंस्पेक्टर ने राणा की तलाश में दबिश दी लेकिन वह घर पर भी नहीं मिला। डायल 100 परियोजना के लिए एसएसपी आकाश कुलहरि ने हाल ही में कांस्टेबलों की ड्यूटी निर्धारित करते हुए सूची जारी की थी। आरोप है कि इस सूची में पुलिस ऑफिस के लिपिक राणा प्रताप यादव ने 15 सिपाहियों का नाम अपने से जोड़ा और एसएसपी का फर्जी हस्ताक्षर कर तबादले का आदेश जारी कर दिया।
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खुलासा होते ही भाग निकला आरोपी
बुधवार को सूची के अवलोकन के दौरान एसएसपी ने मामला पकड़ लिया। उन्होंने तत्काल पुलिस आफिस के प्रधान लिपिक सहित अन्य जिम्मेदारों से पूछताछ की। जालसाजी का खुलासा होते ही आरोपी लिपिक राणा प्रताप यादव पुलिस कार्यालय से भाग निकला।
कैंट पुलिस उसके घर पर दबिश देने गई तो वह वहां भी नहीं मिला। एसएसपी ने बताया कि पुलिस ऑफिस के प्रधान लिपिक ने कैंट थाने में राणा प्रताप यादव के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया है। उसे गिरफ्तार कर जेल भेजने के साथ ही उसके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
कैंट पुलिस उसके घर पर दबिश देने गई तो वह वहां भी नहीं मिला। एसएसपी ने बताया कि पुलिस ऑफिस के प्रधान लिपिक ने कैंट थाने में राणा प्रताप यादव के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया है। उसे गिरफ्तार कर जेल भेजने के साथ ही उसके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।