बरेली: किशोरी को अगवा कर तीन युवकों ने किया गैंगरेप
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पुलिस ने प्रेम संबंध बताकर उन्हें टरका दिया। इसके बाद घर वाले किशोरी को लेकर एसएसपी के पास पेश हुए।
उनके आदेश पर तीन युवकों पर अगवा करने, सामूहिक दुराचार और पाक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में ले लिया है।
दीवार फांदकर घर में घुसे थे दरिंदे
किशोरी की मां ने एसएसपी को बताया कि 29 मार्च की सुबह चार बजे गांव का देव सिंह, हरिओम और बदलू दीवार फांदकर घर में घुस आए। उन्होंने तमंचा दिखाकर सभी को धमकाया और सोलह वर्षीय बेटी को अगवा कर ले गए थे।
वे बेटी को खोजते रहे। पुलिस से भी शिकायत की। 30 मार्च को बेटी किसी तरह घर पहुंच गई। उसने बताया कि तीनों आरोपियों ने उसे धनेटा-शीशगढ़ रोड पर मिर्जापुर से मकड़ीखोय के बीच बनी पुरानी कोठरी में रखा था।
वहां उससे गैंगरेप किया। मुंह खोलने पर जान से मार देने की धमकी भी दी। तीनों की गैरमौजूदगी में वह किसी तरह भाग निकली।
किशोरी ने एसपी को बताई हकीकत
किशोरी की मां के मुताबिक उन्हें स्थानीय पुलिस से निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद नहीं थी इसलिए वे 31 मार्च को एसएसपी आरके भारद्वाज से मिले और उन्हें पूरा घटनाक्रम बताया। एसएसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसओ शाही को एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए। शाही थाने में तीनों खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली।
देर शाम पुलिस ने मुख्य आरोपी देव सिंह को भी पकड़ लिया और पूछताछ की। वह इस मामले में खुद को निर्दोष बताता रहा। एसओ महेंद्र सिंह का कहना था कि बताए जा रहे घटनाक्रम में कई पेंच हैं जिन्हें विवेचना में सुलझाया जाएगा।
फिलहाल उन्होंने तहरीर के मुताबिक रिपोर्ट दर्ज कर ली है और मेडिकल परीक्षण आदि औपचारिकता पूरी कराकर जांच को आगे बढ़ाएंगे।
एक और किशोरी लापता, मामला दर्ज
दुनका गांव से ही 16 साल की एक और किशोरी 28 मार्च की शाम चार बजे पड़ोस के एक घर में बैठने की बात कहकर गई थी। देर शाम तक वह घर नहीं लौटी तो परिवार वालों ने उसकी खोजबीन शुरू की।
रिश्तेदारियों में ढूंढने के बाद भी पता न लगने पर लड़की के पिता ने शाही थाने में अज्ञात लोगों पर बेटी को फुसलाकर ले जाने की तहरीर दी। एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने गांव में पहुंचकर तफ्तीश भी की।