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आईएस ने बांग्लादेश में प्रोफेसर को मौत के घाट उतारा
एजेंसी/ढाका
Updated Mon, 25 Apr 2016 07:33 PM IST
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बांग्लादेश में ब्लॉगरों और बुद्धिजीवियों की हत्या का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजी घटना उत्तरपश्चिम बांग्लादेश की है, जहां शनिवार को आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के आतंकियों ने एक अंग्रेजी के प्रोफेसर को मौत के घाट उतार दिया। प्रोफेसर पर यह हमला तब किया गया, जब वह अपने घर से यूनिवर्सिटी जाने के लिए निकले थे।
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बांग्लादेश पुलिस ने बताया कि राजशाही यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर एएफएम रेजुल करीम सिद्दीकी (58) पर उनके घर से 50 मीटर की दूरी पर जानलेवा हमला किया गया। मोटरबाइक से आए हमलावरों ने राजशाही शहर में यूनिवर्सिटी जाने के लिए बस पकड़ने जा रहे प्रोफेसर का गला धारदार हथियार से काट दिया और उन्हें मरने के लिए वहीं रास्ते पर छोड़ दिया।
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स्थानीय पुलिस थाना प्रभारी शहादत हुसैन ने बताया कि हमलावरों ने सिद्दीकी पर पीछे से धारदार हथियार से हमला किया। घटना सुबह के करीब 7.30 बजे हुई। उन्होंने बताया कि प्रोफेसर की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हमलावर घटना को अंजाम देने के बाद वहां से भाग निकलने में कामयाब रहे।
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स्थानीय मीडिया में गवाहों के मुताबिक बताया गया है कि वारदात को अंजाम देने के बाद घटनास्थल से दो लोगों को मोटरबाइक से भागते हुए देखा गया। अमेरिकी खुफिया समूह एसआईटीई ने बताया कि इस्लामिक स्टेट ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। इसी बीच, यूनिवर्सिटी के छात्रों और शिक्षकों ने दोषियों की त्वरित गिरफ्तारी की मांग करते हुए प्रदर्शन किया।
सिद्दीकी के करीबियों ने बताया कि वह यूनिवर्सिटी कैंपस मेें कुछ सांस्कृतिक गतिविधियों में शामिल थे। उनके मुताबिक वह किसी भी राजनीतिक पार्टी से नहीं जुड़े थे। करीबियों की मानें, तो वह प्रगतिशील दृष्टिकोण रखते थे। उन्होंने आशंका जताई कि शायद यही कारण है कि आईएस ने उन्हें मौत के घाट उतारा। बता दें कि इससे पहले भी इसी यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर को मौत के घाट उतार दिया गया था। हालांकि इसमें किसी आतंकी संगठन का हाथ होने से बांग्ला पुलिस ने इनकार किया था।
नास्तिकता फैलाने की मिली सजा
आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट की अमाक एजेंसी ने ट्वीट कर बताया कि आईएस ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। एजेंसी के मुताबिक सिद्दीकी को बांग्लादेश में नास्तिकता फैलाने की सजा दी गई है।