प्रधानाचार्य को दिन दहाड़े गोलियों से भूना, एक हत्यारे को भीड़ ने मारा
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यूपी में बागपत के ग्राम खिंदौड़ा के आदर्श प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक सतपाल शर्मा की तीन बदमाशों ने दिन दहाड़े हत्या कर दी। हत्या जमीन की रंजिश के चलते शनिवार सुबह पौने दस बजे की गई।
हत्या कर भाग रहे एक बदमाश को लोगों ने गांव में ही घेरकर पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया जबकि दो बदमाश भागने में कामयाब हो गए। परिजनों ने पुलिस के खिलाफ जमकर हंगामा किया और थाना प्रभारी की वर्दी तक फाड़ने का प्रयास किया।
सिंघावली अहीर गांव के सतपाल शर्मा खिंदौड़ा गांव के आदर्श प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक थे। शनिवार मध्याह्न भोजन के समय वे स्कूल के बरामदे में बैठे थे। तभी उनके पास दो युवक आकर बैठ गए। उन्होंने बच्चों को बुलाकर युवकों को पानी पिलवाया।
इसके बाद बदमाशों ने प्रधानाध्यापक पर फायर झोंक दिया। एक गोली लगने पर वे स्कूल के टीचर दीपक का नाम लेते हुए दौड़े। बदमाशों ने 50 कदम दूरी पर ही प्रधानाध्यापक को दो गोली और मारीं, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
एक बदमाश को भीड़ ने पीट-पीटकर मारा
इसके बाद बदमाश अलग-अलग रास्तों से भागने लगे। लोगों ने पीछा कर एक बदमाश को पकड़ लिया और उसको पीट-पीट कर मौत के घाट उतार डाला जबकि एक बदमाश खेत के रास्ते और दूसरा बाइक से फरार हो गया। मृतक बदमाश की शनाख्त दोघट क्षेत्र के गांव निरपुड़ा निवासी सोनू उर्फ शिशुपाल उर्फ अमरीकन के रूप में हुई है।
सूचना मिलते ही डीएम हृदय शंकर तिवारी और एसपी रवि शंकर छवि पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस के पहुंचने पर लोगों ने जमकर हंगामा करते हुए पुलिस को आड़े हाथों ले लिया। परिजनों ने कहा आरोपी लगातार प्रधानाध्यापक को जान से मारने की धमकी दे रहे थे।
26 मार्च 2016 को आरोपियों ने उनके मकान पर फायर किया। शिकायत के बावजूद पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। परिजन सिंघावली अहीर थाना प्रभारी से तो उलझ गए। उनकी वर्दी तक फाड़ने का प्रयास किया। एसपी छवि शंकर छवि ने कहा इस मामले में सिंघावली अहीर थाना पुलिस की लापरवाही रही है। घटना को अंजाम देने वालों के अलावा लापरवाह पुलिस वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
गेट में गोली लगने से नहीं, छाती पर गोली लगने पर होगी FIR
मिस्टर पता है, थाने में एफआईआर दर्ज कैसे होती है? किवाड़ में गोली लगने से थाने में रिपोर्ट नहीं लिखी जाती है। तेरे मकान के गेट पर ही तो गोली लगी है। किसी की छाती पर तो नहीं। जिस दिन छाती पर गोली लग जाएगी, अपने आप एफआईआर दर्ज हो जाएगी... जी हां, यह कहना है कि मृतक प्रधानाध्यापक के बेटे सोनू शर्मा का। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले उनके मकान पर हुए हमले के बाद पुलिस ने उनसे बदसलूकी की थी।
सोनू ने पुलिस अफसरों से कहा कि विपक्ष के लोग उन्हें लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे थे। 26 मार्च 2016 की रात को उनके मकान पर फायरिंग की गई। मकान के गेट पर गोली का निशान बना है। इसकी शिकायत करने पर सिंघावली अहीर थाना प्रभारी सुभाष चंद यादव ने एफआईआर लिखने के बजाए उनके साथ बदसलूकी की थी।
कहा था कि मकान के गेट पर गोली लगने से रिपोर्ट दर्ज नहीं होती, एफआईआर छाती पर गोली लगने के बाद लिखी जाती है। पुलिस ने इस मामले में दस दिन बाद अपनी मर्जी से तहरीर लिखवाकर रिपोर्ट दर्ज की थी। अभी तक पुलिस ने किसी की गिरफ्तार नहीं की। पुलिस की लापरवाही से ही उसके पिता की जान गई है।