फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Crime ›   accused married to rape victim in jail after 8 years

नहीं हो रहा था बच्चे का दाखिला, जेल में रेपिस्ट से रचानी पड़ी शादी

Fri, 06 Jan 2017 12:15 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Fri, 06 Jan 2017 12:15 PM IST
विज्ञापन
accused married to rape victim in jail after 8 years

कोलकाता के पुरुलिया में एक रेप पीड़िता को अपने बच्चे के एडमिशन के लिए रेपिस्ट से शादी करनी पड़ी है। दरअसल बच्चे के एडमिशन के लिए हर स्कूल के फॉर्म में बच्चे के पिता का नाम पूछा जाता था। जिससे परेशान मां होकर मां को ये कदम उठाना पड़ा है।

विज्ञापन


उसने सजा काट रहे रेपिस्ट से जेल में ही शादी कर ली ताकि उसके बच्चे को पिता का नाम मिल जाए। मां ने 8 साल बाद ये फैसला लिया। टाइम्स ऑफ इंडिया  की खबर के मुताबिक रेपिस्ट का नाम मनोज कुमार है और उसे 29 दिसंबर को इस मामले में दोषी करार दिया गया। उसे साल 2010 में पहली बार गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के दो महीने बाद ही उसके ऊपर धोखाधड़ी का आरोप भी लगा।
विज्ञापन


पीड़िता ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि बच्चे को स्कूल में दाखिले के लिए उसने कई स्कूलों के चक्कर कांटे, लेकिन हर जगह एक सवाल उसके सामने आकर खड़ा हो जाता था कि बच्चे के पिता का नाम क्या है। लेकिन, अब बच्चे के दाखिले के लिए मां को अब परेशान नहीं होना पड़ेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

स्कूल में दाखिले के दौरान पूछा जाता था पिता का नाम

accused married to rape victim in jail after 8 years

पीड़िता ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि बच्चे को स्कूल में दाखिले के लिए उसने कई स्कूलों के चक्कर कांटे, लेकिन हर जगह एक सवाल उसके सामने आकर खड़ा हो जाता था, बच्चे के पिता का नाम। हालांकि, इस दौरान पीड़िता की ओर से रेपिस्ट पर शादी का दबाव बनाया जाता था, जिसके बाद दोनों की शादी करवा दी गई।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed