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सिरसा डेरे से लौटे चेले ने खोले राम रहीम के सीक्रेट, क्यों जुड़ते थे लोग ?
amarujala.com- presented by: शारुख खान
Updated Fri, 01 Sep 2017 05:31 PM IST
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विजय
- फोटो : अमर उजाला
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डेरा सच्चा सौदा से लौटकर बरेली आए एक चेले ने गुरमीत राम रहीम से जुड़े तमाम सीक्रेट मीडिया के सामने खोले। ये भी बताया, क्यों डेरे से जुड़ते थे लोग?
उसने बताया कि किस तरह बाबा का डेरा लोगों के लिए एक आश्रय स्थल था और यहां लोग पिछले कई सालों से डेरा डाले हुए थे। वह खुद 1992 से यहां रह रहा था और बाबा के डेरे में ड्राइवर का काम करता था।
बाबा का साम्राज्य उजड़ने के बाद बरेली लौटकर आए विजय ने बृहस्पतिवार को सेटेलाइट बस स्टैंड के पास एक ट्रांसपोर्टर की दुकान में ट्रक ड्राइवर का काम पकड़ लिया है। अब वह अपनी नई जिंदगी शुरू करेगा।
विजय ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि बाबा के काम करने का तरीका बिल्कुल अलग था। कभी भी उसके डेरे में चढ़ावा नहीं लिया गया इसलिए लोग इससे जुड़ते थे। उसने सस्ते में उबड़ खाबड़ और बंजर जमीन खरीदी और अपने भक्तों और सेवादारों से कार सेवा करवाई।
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उसने बताया कि किस तरह बाबा का डेरा लोगों के लिए एक आश्रय स्थल था और यहां लोग पिछले कई सालों से डेरा डाले हुए थे। वह खुद 1992 से यहां रह रहा था और बाबा के डेरे में ड्राइवर का काम करता था।
बाबा का साम्राज्य उजड़ने के बाद बरेली लौटकर आए विजय ने बृहस्पतिवार को सेटेलाइट बस स्टैंड के पास एक ट्रांसपोर्टर की दुकान में ट्रक ड्राइवर का काम पकड़ लिया है। अब वह अपनी नई जिंदगी शुरू करेगा।
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विजय ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि बाबा के काम करने का तरीका बिल्कुल अलग था। कभी भी उसके डेरे में चढ़ावा नहीं लिया गया इसलिए लोग इससे जुड़ते थे। उसने सस्ते में उबड़ खाबड़ और बंजर जमीन खरीदी और अपने भक्तों और सेवादारों से कार सेवा करवाई।
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ऐसे बाबाओं को तो हमेशा जेल में रहना चाहिए
राम रहीम
- फोटो : SELF
जमीन को समतल कर उसे उपजाऊ बनाता था। फसल उगने के बाद वह उसे प्रसाद के तौर पर बेचता था। डेरे में स्कूल थे और अस्पताल भी था। यहां लोग रहते थे और पालन पोषण भी बच्चों को यहीं करते थे। विजय का कहना है कि ट्रस्ट तो रहना चाहिए लेकिन बाबा का रहना ठीक नहीं। ऐसे बाबाओं को तो हमेशा जेल में रहना चाहिए। अगर बाबा राम रहीम जेल से बाहर आए तो कभी समाज को मुंह न दिखाए।
विजय ने बताया कि वह अपने परिवार को लेकर बरेली चला आया है। डेरे के बारे में विजय ने बताया कि जिस चेले की मौत होती थी उसे वहीं दफन कर दिया जाता था और उसके कब्र के ऊपर एक पेड़ लगाया जाता था। जो भी इसके डेरे में सदस्यता लेता था उसे अमृत पान कराया जाता था, कुछ खास चेलों को लॉकेट देता था।
विजय ने बताया कि वह अपने परिवार को लेकर बरेली चला आया है। डेरे के बारे में विजय ने बताया कि जिस चेले की मौत होती थी उसे वहीं दफन कर दिया जाता था और उसके कब्र के ऊपर एक पेड़ लगाया जाता था। जो भी इसके डेरे में सदस्यता लेता था उसे अमृत पान कराया जाता था, कुछ खास चेलों को लॉकेट देता था।