{"_id":"5bbb0ab1867a5514c70a7883","slug":"9-people-arrested-in-mob-attack-on-36-girls-case-in-bihar","type":"story","status":"publish","title_hn":"छेड़छाड़ की शिकायत करने वाली 34 लड़कियों पर भीड़ ने किया था हमला, सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छेड़छाड़ की शिकायत करने वाली 34 लड़कियों पर भीड़ ने किया था हमला, सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Updated Mon, 08 Oct 2018 01:25 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिहार में लड़कियों के साथ छेड़छाड़ और मारपीट के मामले को उच्चतम न्यायालय ने गंभीरता से लिया है। बिहार के सुपौल में 34 नाबालिगों लड़कियों के साथ यौन उत्पीड़न और मारपीट का मामला चिंता का विषय है। इस मामले में उच्चतम न्यायालय ने स्वत: संज्ञान भी लिया है।
विज्ञापन
शनिवार को बिहार के सुपौल जिले में 34 लड़कियों से मारपीट मामले में पुलिस ने फिलहाल नौ लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें एक नाबालिग भी शामिल है। दरअसल, लड़कियों ने दीवार पर लिखी अभद्र टिप्पणियों का विरोध किया था। जिन्हें पड़ोस के एक स्कूल के लड़कों द्वारा लिखा गया था। लड़कियों ने विरोध के साथ ही लड़कों को पीट- पीटकर भी भगाया था। इसी बात की जानकारी सभी नाबालिग लड़कों ने अपने घर वालों को दे दी थी। जिसके बाद उनकी माताओं ने अन्य ग्रामीणों के साथ मिलकर स्कूल परिसर में लड़कियों पर हमला बोल दिया था।
विज्ञापन
त्रिवेणीगंज के असिस्टेंट पुलिस सुप्रीटेंडेंट का कहना है कि सभी आरोपियों को पकड़ा जाएगा। किसी भी बेगुनाह को सजा नहीं दी जाएगी। लड़कियों ने 4 लड़कों के साथ मारपीट भी की थी क्योंकि वह विरोध करने पर अभद्र टिप्पणियां कर रहे थे। आधिकारी ने बताया कि जब लड़कियां परिसर में खेल रही थीं तो उनके साथ मारपीट की गई। भीड़ में लड़कों के माता-पिता भी शामिल थे।
विज्ञापन
मामले में अभी तक कुल 9 लोगों का नाम सामने आया है। इनमें से 4 लोगों को शनिवार को गिरफ्तार किया गया था। जानकारी के मुताबिक सभी चोटिल लड़कियां जिले के त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र के सुपौल में दरपखा गांव के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्राएं हैं। घटना शनिवार शाम की है जब आवासीय विद्यालय की छात्राएं अपने परिसर में खेल रही थीं।
सुपौल के जिलाधिकारी बैद्यनाथ यादव ने पीटीआई को बताया कि दोनों स्कूल एक ही परिसर में हैं जिनकी इमारतें अलग हैं लेकिन खेल का मैदान एक ही है। लड़कों ने कथित तौर पर लड़कियों के स्कूल की दीवार पर कुछ अभद्र टिप्पणी लिख दी थीं। जिसके चलते कुछ लोगों ने लड़कियों पर हमला किया।