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सात हजार प्रजाति वाले 40 देशों के मेढ़कों की प्रदर्शनी शुरू
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Updated Tue, 16 Jan 2018 06:42 AM IST
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Meet the frog that can sit on a thumbnail, discovered in India
- फोटो : www.npr.org
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जलवायु परिवर्तन के प्राथमिक सूचक माने जाने वाले मेढ़कों के विविधताओं वाली प्रदर्शनी वर्ल्ड वाइल्ड फंड (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) इंडिया की ओर से आयोजित की गई है। अप्रैल तक आम लोग इस प्रदर्शनी में जाकर जैव विविधता और संरक्षण को प्रदर्शनी के जरिये समझ सकते हैं। इस प्रदर्शनी को फ्रॉग फेस्ट नाम दिया गया है।
डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया का कहना है कि दुनिया में इस तरह की पहली प्रदर्शनी है। मेढ़क सबसे ज्यादा उपेक्षित हैं। जैव विविधता कायम रखने के लिए इनकी बेहद जरूरत है। इस जागरूकता के जरिये इनकी तरफ ध्यान खींचा जाएगा वहीं इनके संरक्षण की पहल भी होगी। कुल 40 देशों में विभिन्न तरह के करीब 7 हजार प्रजाति वाले मेढ़कों की कलात्मक प्रदर्शनी लगाई गई है। नई दिल्ली स्थित डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया कार्यालय में ही इसकी प्रदर्शनी लगाई गई है।
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पर्यावरणविद सीमा भट्ट कहती हैं कि किसी भी तरह के अप्रत्याशित बदलाव की सूचना सबसे पहले मेढ़कों को ही मिलती है। हालांकि तापमान और नमी दोनों में अप्रत्याशित बदलाव के चलते यह गायब हो रहे हैं। इससे जैव विविधता को बहुत बड़ा नुकसान होगा। प्रदर्शनी के जरिये लोगों के बीच हम जागरूकता फैला पाएंगे। मेढ़कों की टरटराहट से हम वर्षा का अंदाजा लगा लेते थे। लेकिन अब इनकी टरटराहट कम सुनाई देती है। प्रदर्शनी आदित्य आर्या और ममता पांड्या की ओर से सजाई गई है।
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डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया का कहना है कि दुनिया में इस तरह की पहली प्रदर्शनी है। मेढ़क सबसे ज्यादा उपेक्षित हैं। जैव विविधता कायम रखने के लिए इनकी बेहद जरूरत है। इस जागरूकता के जरिये इनकी तरफ ध्यान खींचा जाएगा वहीं इनके संरक्षण की पहल भी होगी। कुल 40 देशों में विभिन्न तरह के करीब 7 हजार प्रजाति वाले मेढ़कों की कलात्मक प्रदर्शनी लगाई गई है। नई दिल्ली स्थित डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया कार्यालय में ही इसकी प्रदर्शनी लगाई गई है।
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