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Hindi News ›   Maharashtra ›   VHP leaders and Saints meet Maharashtra Governor Bhagat singh Koshyari to protest killing of saints in Palghar

पालघर में संतों की हत्या के विरोध में महाराष्ट्र के राज्यपाल से मिले संत

Thu, 23 Apr 2020 07:52 PM IST
Harendra Chaudhary अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई Published by: Harendra Chaudhary Updated Thu, 23 Apr 2020 07:52 PM IST
सार

  • कहा-वामपंथियों ने कराई साधुओं की निर्मम हत्या
  • ये बेल्ट कम्युनिस्टों का गढ़ है, लेकिन यह कहना मुश्किल है कि हिंसा  में किसका हाथ है

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VHP leaders and Saints meet Maharashtra Governor Bhagat singh Koshyari to protest killing of saints in Palghar
Hindu Saints Meet Maharshtra Governer Bhagat singh Koshiyari - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

मुंबई से सटे पालघर में दो साधुओं की नृसंश हत्या के मामले को लेकर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के संत गुरुवार को राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी से मिले और दोषियों को सख्त सजा देने की मांग की। राजभवन में हुई इस मुलाकात में विहिप के केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल के सदस्य संत महामंडलेश्वर स्वामी विश्वेश्वरानंद महाराज, स्वामी शंकरानंद महाराज और स्वामी सुखदेवानंद महाराज ने भीड़ द्वारा निरपराध संतों की हत्या को अमानवीय हत्या करार देते हुए आरोप लगाया कि वामपंथियों ने साधुओं की हत्या कराई।  

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राज्यपाल से संतों की मुलाकात को लेकर विहिप कोकण प्रांत की ओर से प्रेस बयान जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि वामपंथियों की रक्तरंजित क्रूरता इस परिसर का इतिहास रहा है। विहिप के देश के प्रथम सेवा कार्य तलाशरी छात्रावास पर भी ऐसे ही 700-800 लोगों की भीड़ ने हमला कर प्रचारकों को जिंदा जलाने का प्रयास पहले भी किया था।
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छात्रावास के छात्रों के घर तोड़े गए थे। वर्तमान घटना के पीछे भी वामपंथी गतिविधियों की संभावना दिखाई दे रही है। संतों का कहना है कि कुछ वर्षों से यहां वामपंथियों ने क्षेत्र के स्वभावतः मासूम वनवासियों के घर के देवी देवताओं के विग्रह को विसर्जित करने की जबर्दस्ती की जा रही है और धर्म के आधार पर हिंदू न लिखने का दुष्प्रचार किया जा रहा है।
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वर्तमान में हिंदू संतों की हत्या हमें इसी व्यापक हिंदू विरोध का षडयंत्र नजर आ रहा है। इसलिए आगामी जनगणना होने तक इस क्षेत्र में गुप्तचर और पुलिस तैनात किए जाएं और जंगल में भागे दोषियों को ढूंढकर कड़ी सजा दी जाए।

वहीं एनसीपी प्रवक्ता नवाब मलिक का कहना है कि संतों को बोलने का अधिकार है। किसी के बोलने के अधिकार को कौन छीन सकता है। पुलिस ने कार्रवाई की है। मामले की जांच भी बैठाई है जो भी होगा वह सामने आएगा। 

उधर महाराष्ट्र के कांग्रेस महासचिव राजेश शर्मा ने भी माना है कि ये बेल्ट कम्युनिस्टों का गढ़ है इसमें शंका नहीं है। लेकिन यह कहना मुश्किल है कि किसका हाथ है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल, मामले की जांच सीआईडी को सौंपी गई है।

गढ़चिंचले गांव की सरपंच ने मांगी पुलिस सुरक्षा

बीते 16 अप्रैल को पालघर जिले के जिस गढ़चिंचले गांव में जूना अखाड़े के दोनों साधु महंत कल्पवृक्ष महाराज (70), सुशील महाराज (35) और ड्राइवर निलेश तेलगड़े (30) की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। उस गांव की सरपंच चित्रा चौधरी को जान से मारने की धमकी मिल रही है।

चित्रा ने पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई है। चित्रा का कहना है कि जिस दिन साधुओं पर हमला हुआ वह उन्हें बचाने का प्रयास कर रही ही थीं, लेकिन आसपास के गांव से जुटी भीड़ ने उन्हें ही मारने का प्रयास किया।



वह जान बचाकर घर आई। लेकिन भीड़ ने उनके घर पर भी पत्थरबाजी की। अब उन्हें और परिवार को जान से मारने की धमकी मिल रही है। इसलिए पुलिस सुरक्षा की मांग की है।

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