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उद्धव ठाकरे से बोले शरद पवार, प्रवासी श्रमिकों को वापस लाने की योजना बनाए सरकार

Tue, 19 May 2020 09:01 PM IST
Harendra Chaudhary सुरेंद्र मिश्र, अमर उजाला, मुंबई
सुरेंद्र मिश्र, अमर उजाला, मुंबई Published by: Harendra Chaudhary Updated Tue, 19 May 2020 09:01 PM IST
सार

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने लॉकडाउन के चौथे चरण की शुरूआत के साथ ही फेसबुक पर लोगों को संबोधित करते हुए कहा था कि राज्य में 50 हजार कंपनियों में काम शुरू हो चुका है। लेकिन इनमें काम करने वाले प्रवासी श्रमिक पलायन कर चुके हैं। इसलिए महाराष्ट्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भूमिपुत्र आगे आएं।

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Sharad Pawar speaks to Uddhav Thackeray, government plans to bring back migrant workers
उद्धव ठाकरे-शरद पवार - फोटो : PTI (for Reference)

विस्तार

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने प्रवासी श्रमिकों के पलायन के बीच भूमिपुत्रों को आत्मनिर्भर बनने की भावनात्मक अपील की थी। उनका यह बयान मराठी मानुष की राजनीति करने वाली शिवसेना का एजेंडा माना जा रहा था।

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लेकिन दूसरे ही दिन राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख शरद पवार ने उनकी मराठी राजनीति की हवा निकाल दी। पवार ने मंगलवार को मुख्यमंत्री ठाकरे से कहा कि श्रमिकों की व्यवस्थित वापसी की योजना तैयार की जाए ताकि महाराष्ट्र में औद्योगिक गतिविधियां फिर शुरू की जा सकें।

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मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने लॉकडाउन के चौथे चरण की शुरूआत के साथ ही फेसबुक पर लोगों को संबोधित करते हुए कहा था कि राज्य में 50 हजार कंपनियों में काम शुरू हो चुका है। लेकिन इनमें काम करने वाले प्रवासी श्रमिक पलायन कर चुके हैं। इसलिए महाराष्ट्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भूमिपुत्र आगे आएं।
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उनके आह्वान का संकेत साफ था कि राज्य की जिन नौकरियों में प्रवासी श्रमिक कार्यरत थे, उस स्थान पर भूमिपुत्र खुद को स्थापित करें। लेकिन मराठा क्षत्रप शरद पवार ने दूसरे ही दिन उनके इस बयान से इतर सलाह देकर शिवसेना की मराठी राजनीति की धार को कुंद कर दिया।

दरअसल, पवार ने मंगलवार को मुख्यमंत्री ठाकरे से महाराष्ट्र में कोविड-19 से उत्पन्न स्थिति को लेकर लंबी बातचीत की। उन्होंने उद्योगों को बहाल करने एवं धीरे-धीरे स्थिति सामान्य करके राज्य की अर्थव्यस्था को फिर से पटरी पर लाने के तरीके सुझाए। 

इस दौरान उपमुख्यमंत्री अजीत पवार, नगर विकास मंत्री एकनाथ खड़से और राजस्वमंत्री बालासाहेब थोराट भी मौजूद थे। बैठक में पवार ने कहा कि कोविड-19 का निकट भविष्य में सफाया नहीं होगा। कोरोना वायरस अब जीवन का हिस्सा है, इस बात को ध्यान में रखते हुए लोगों को उनके स्वास्थ्य की देखभाल के लिए जागरूक किया जाना चाहिए।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उद्योग अपना कामकाज बहाल करने की स्थिति में नहीं हैं क्योंकि श्रमिक कोरोना वायरस लॉकडाउन के चलते अपने मूल स्थानों को जा चुके हैं। ऐसे में औद्योगिक गतिविधियां फिर से शुरू करने के लिए श्रमिकों की व्यवस्थित वापसी की योजना तैयार करनी चाहिए। 

पवार ने राज्य सरकार को दिए कई सुझाव

पवार ने इस बैठक के बाद ट्वीट किया कि (मैंने) मुख्यमंत्री से कोरोना संकट से उत्पन्न स्थिति, चुनौतियां, एहतियाती उपायों और विभिन्न वर्गों के लिए किये जाने वाले उपायों पर चर्चा की। मैंने परिवहन, शिक्षा, कृषि, उद्योग जैसे कई मुद्दों पर सुझाव दिये।



पवार ने कोविड-19 व लॉकडाउन के मद्देनजर सरकार को 8 महत्वपूर्ण सुझाव दिए। जिसमें विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं संस्थानों को नुकसान नहीं होने तथा शिक्षण में विलंब न होने, प्रवासी श्रमिकों को वापस लाने की कार्ययोजना बनाने, बेरोजगारों के लिए कार्यक्रम, औद्योगिक निवेश, मॉल्स-दुकान खोलने, बंदरगाहों पर काम शुरू करने, मंत्रियों व अधिकारियों के कार्यालय में उपस्थित होने सहित परिवहन व्यवस्था शुरू करने के सुझाव शामिल हैं।

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