मुंबईः पश्चिम रेलवे ने लॉकडाउन में चलाई 1162 श्रमिक विशेष ट्रेनें
- दो मई से 28 मई के बीच 17.42 लाख प्रवासी मजदूरों को गृहनगर पहुंचाया
- 673 ट्रेन उत्तर प्रदेश, 269 बिहार, 86 उड़ीसा, 31 मध्य प्रदेश के लिए चलाईं
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विश्वव्यापी कोरोनो संकट के बीच जारी लॉकडाउन में पश्चिम रेलवे ने श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के माध्यम से महानगरों में फंसे हुए मजदूरों और उनके परिवारों को उनके गांव पहुंचाने में उल्लेखनीय मदद की है।
दो मई से 28 मई के बीच पश्चिम रेलवे ने 1162 श्रमिक स्पेशल ट्रेने चलाई हैं, जिससे लगभग 17.42 लाख प्रवासी मजदूर अपने गृहनगर पहुंचे हैं।
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी रविंद्र भाकर ने बताया कि इन विशेष रेलगाड़ियों में से 673 ट्रेनें उत्तर प्रदेश, 269 बिहार, 86 उड़ीसा, 31 मध्य प्रदेश के लिए चलाई गईं।
साथ ही झारखंड के लिए 41, छत्तीसगढ़ के लिए 16, राजस्थान के लिए 8, उत्तराखंड के लिए 6 और पश्चिम बंगाल के लिए 15 ट्रेनें चलीं हैं।
इसके अलावा श्रमिक विशेष ट्रेनें गुजरात, मणिपुर, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, असम और महाराष्ट्र के लिए भी चलाई गईं।
ये विशेष रेलगाड़ियां सामाजिक दूरी के मानदंडों को बनाये रखते हुए चलाई जा रही हैं।
गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत, ट्रेन में चढ़ने से पहले यात्रियों की उचित थर्मल स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जाती है। यात्रा के दौरान यात्रियों को मुफ्त भोजन और पैकेज्ड पेयजल भी दिया जा रहा है।
6 लाख लोगों को मुफ्त भोजन
पश्चिम रेलवे ने आईआरसीटीसी के साथ मिलकर पिछले 62 दिनों में करीब 6 लाख जरूरतमंदों और गरीब व्यक्तियों को निशुल्क भोजन वितरित है।
कई गैरसरकारी संगठनों ने भी पश्चिम रेलवे के क्षेत्राधिकार में जरूरतमंदों की मदद करने के लिए अपना सक्रिय योगदान दिया है।
44 हजार टन अत्यावश्यक सामग्री का परिवहन
लॉकडाउन में 22 मार्च से 28 मई तक कुल 4880 मालगाड़ियों से 9.97 मिलियन टन आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति की गई।
लगभग 44 हजार टन वस्तुओं को 286 पार्सल स्पेशल ट्रेनों के माध्यम से पहुंचाया, जिसमे चौंतीस मिल्क स्पेशल ट्रेनें भी शामिल हैं।
इस परिवहन से पश्चिम रेलवे को लगभग 13.63 करोड़ रुपये की आय अर्जित हुई है।
लॉकडाउन के कारण 1076.35 करोड़ का नुकसान
रवीन्द्र भाकर ने बताया कि मार्च, 2020 के बाद से लॉकडाउन के कारण कमाई का कुल अनुमानित नुकसान 1076.35 करोड़ रुपये रहा है।
इसके बावजूद, अब तक टिकटों के निरस्तीकरण के लिए 289.08 करोड़ रुपये की रिफंड राशि वापस करना सुनिश्चित किया गया है।
इस रिफंड में अकेले मुंबई डिवीजन से 137.69 करोड़ रुपये है। अब तक, पश्चिमी रेलवे के 44.29 लाख यात्रियों ने अपने टिकट रद्द कर दिए हैं और राशि प्राप्त की है।