फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Maharashtra ›   Maharashtra: chief minister Uddhav Thackeray will fight together on three fronts this month

महाराष्ट्रः इस महीने तीन मोर्चे पर एकसाथ जूझेंगे उद्धव ठाकरे

Mon, 08 Jun 2020 09:04 PM IST
Harendra Chaudhary सुरेंद्र मिश्र, अमर उजाला, मुंबई
सुरेंद्र मिश्र, अमर उजाला, मुंबई Published by: Harendra Chaudhary Updated Mon, 08 Jun 2020 09:04 PM IST
सार

  • संक्रामक बीमीरियों की चुनौती के साथ तैयार है सियासी पिच
  • मानसूनी बारिश से मुंबई के फिर ठप होने का खतरा
  • विधान परिषद के 12 सदस्यों को राज्यपाल की तरफ से मनोनीत करने की प्रक्रिया

विज्ञापन
Maharashtra: chief minister Uddhav Thackeray will fight together on three fronts this month
उद्धव ठाकरे- भगत सिंह कोश्यारी - फोटो : ANI (File)

विस्तार

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को इस महीने एक साथ तीन चुनौतियों से जूझना पड़ सकता है। एक तरफ, कोरोना संक्रमण से निपटने की जद्दोजहाद तो दूसरी ओर मानसूनी बारिश से मुंबई के फिर ठप होने का खतरा और संक्रामक बीमारियों का प्रकोप है।

विज्ञापन


तीसरी चुनौती इस महीने विधान परिषद के 12 सदस्यों को राज्यपाल की तरफ से मनोनीत करने की प्रक्रिया से जुड़ी है।

कोविड-19 के मामले में चीन को भी मात दे चुके महाराष्ट्र में लॉकडाउन खत्म होने के बाद अनलॉक-1 शुरू हो चुका है। कोरोना से महाराष्ट्र सर्वाधिक प्रभावित है तो देश की वित्तीय राजधानी मुंबई कोरोना संक्रमण काल में इतिहास के बुरे दिनों से गुजर रही है।
विज्ञापन


इस बीच मानसून भी दस्तक देने वाला है। कोरोना के भय से प्रवासी श्रमिक गांव जा चुके हैं। इसके कारण मुंबई में नालों की सफाई नहीं हो पाई है जिससे मानूसनी बारिश में मुंबई के डूबने का खतरा बना हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन


वहीं, डेंगू, मलेरिया, डायरिया और लेप्टोस्पायरोसिस जैसे मानसूनजनित रोग बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री ठाकरे को जहां कोरोना और मानसूनजनित संक्रामक बीमारियों की चुनौतियों से लड़ना है। वहीं, विधान परिषद की सियासी पिच भी तैयार है।

कांग्रेस के 146 तो एनसीपी के हैं 50 दावेदार

जून महीने में विधान परिषद के 12 सदस्यों के पद रिक्त हुए हैं, जिन्हें राज्यपाल की तरफ से मनोनीत किया जाना है। इसको लेकर सत्ताधारी दल शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी में एक अनार सौ बीमार वाली स्थिति है।

कांग्रेस में अब तक 146 तो एनसीपी में 50 दावेदारों ने आवेदन किये हैं। अब तक राज्य सरकार की सिफारिश पर राज्यपाल किसी को भी विप सदस्य मनोनीत कर देते रहे हैं जबकि नियमतः साहित्य, कला, विज्ञान, समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वालों को ही मनोनीत करने का प्रावधान हैं।

विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस कहते हैं कि राज्यसभा की तरह विधान परिषद सदस्य मनोनीत करने में भी नियम का पालन जरूरी है। इससे सत्ताधारी दल के नेता भी आशंकित हैं। इसलिए अनेक नेताओं ने अपना बायोडाटा ऐसा तैयार किया है जो नियम के अनुरूप फिट बैठ सके।

किरण बेदी की राह पर चल सकते हैं राज्यपाल कोश्यारी

राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी ने राज्य मंत्रिमंडल की सिफारिश के बावजूद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को विधान परिषद का सदस्य मनोनीत नहीं किया। इससे पहले एनसीपी के दो नाम राजभवन भेजे गए थे जिसे मंजूरी नहीं दी।

अब सवाल उठता है कि क्या वे अब ठाकरे सरकार की सिफारिश मानेंगे। अंदरखाने चर्चा है कि कोश्यारी पुडुचेरी की उपराज्यपाल किरण बेदी की राह चल सकते हैं। दरअसल, 2017 में किरण बेदी ने बिना राज्य सरकार की सिफारिश के विधानसभा में तीन सदस्यों को मनोनीत किया था।



मामला मद्रास हाईकोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट गया जहां दिसंबर 2018 में बेदी के फैसले को बरकरार रखा गया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उपराज्यपाल को सदस्य मनोनीत करने का अधिकार है। इससे भाजपा को बल मिला है क्योंकि राज्यपाल महाराष्ट्र की नहीं दिल्ली की सुनने वाले हैं।

 

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed