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उच्च न्यायालय ने पूर्व प्राध्यापक साईबाबा को पेरोल देने से इंकार किया
Fri, 22 May 2020 09:43 PM IST
मुकेश कुमार झा
पीटीआई, नागपुर
पीटीआई, नागपुर
Published by: मुकेश कुमार झा
Updated Fri, 22 May 2020 09:43 PM IST
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bombay high court
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बंबई उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ ने शुक्रवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व प्राध्यापक जी एन साईबाबा को पेरोल पर रिहा करने से इनकार कर दिया। माओवादियों से संबंध रखने के आरोप में आजीवन कारावास की सजा काट रहे साईबाबा ने अपनी बीमार मां को देखने के लिए पेरोल का अनुरोध किया था।
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न्यायमूर्ति रवि देशपांडे और न्यायमूर्ति अमित बोरकर की खंडपीठ ने पेरोल की मांग वाली साईबाबा की याचिका खारिज कर दी। पीठ ने संबंधित अधिकारियों द्वारा पेश रिपोर्ट पर गौर किया जिसमें कहा गया था कि पैरोल के बाद साईबाबा जिस क्षेत्र में रहेंगे, उसे कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए निषिद्ध क्षेत्र घोषित किया गया है।
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अपीलीय प्राधिकार द्वारा 24 फरवरी को याचिका खारिज कर दिए जाने के बाद साईबाबा ने उच्च न्यायालय से पेरोल का अनुरोध किया था। पीठ ने कहा कि रिपोर्ट से पता लगता है कि याचिकाकर्ता की मां ओपीडी मरीज हैं और याचिकाकर्ता का भाई मां की देखभाल कर रहा है।
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पीठ ने कहा कि हमें यह भी जानकारी दी गई है कि अगर याचिकाकर्ता को पैरोल पर रिहा किया जाता है, तो वह जिस स्थान पर रहेंगे, वह निषिद्ध क्षेत्र है।