कोरोना का कहरः धंधा बंद, मुंबई लॉकडाउन से घबराए उत्तर भारतीय चले गांवों की ओर
- मध्य रेलवे के वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी ए के सिंह ने बताया कि शुक्रवार को जहां करीब 70 हजार यात्री रवाना हुए थे, वहीं शनिवार को यह संख्या एक लाख के आसपास पहुंच गई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोरोना वायरस के कहर के चलते देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में लॉकडाउन जैसी स्थिति होने के बाद लोगों का गांव पलायन शुरू हो गया है। खासकर, मुंबई में रहने वाले उत्तर प्रदेश, बिहार के लोग रोजाना गाड़ियों में भर-भरकर अपने गांव रवाना हो रहे हैं।
इससे कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के प्रयास के बीच नया संकट पैदा होने की आशंका जताई जाने लगी है। मुंबई में कोरोना वायरस के चलते लोगों का धंधा बंद हो गया है। इसके चलते हजारों उत्तर भारतीय अपने गांव की ओर चल पड़े हैं।
छत्रपति शिवाजी टर्मिनल, लोकमान्य तिलक टर्मिनल पर आमदिनों की तुलना में दोगुना यात्री बढ़े हैं। गांव जाने वाले यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे ने अतिरिक्त ट्रेनें चलाई हैं। मध्य रेलवे के बरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी ए के सिंह ने बताया कि शुक्रवार को जहां करीब 70 हजार यात्री रवाना हुए थे, वहीं शनिवार को यह संख्या एक लाख के आसपास पहुंच गई।
सिंह ने बताया कि शनिवार को ट्रेन संख्या 02017 मुंबई (सीएसीटी) से हावड़ा, ट्रेन संख्या 02013 लोकमान्य तिलक टर्मिनस से गोरखपुर, ट्रेन संख्या 01057 लोकमान्य तिलक टर्मिनल से मंडुआडीह, ट्रेन संख्या 01120 मुंबई (सीएसटीएम) से पटना और ट्रेन संख्या 02025 लोकमान्य तिलक टर्मिनस से गोरखपर के लिए रवाना हुई। अनुमान लगाया जा रहा है कि इन गाड़ियों में करीब एक लाख लोग अपने गांव रवाना हुए हैं।
योगी सरकार की तर्ज पर महाराष्ट्र में भी श्रमिकों को मिले राहत राशि- मिश्र
मुंबई भाजपा महामंत्री अमरजीत मिश्र ने ठाकरे सरकार से मांग की है कि योगी सरकार की तर्ज पर महाराष्ट्र में भी फेरीवालों और श्रमिकों को राहत राशि की घोषणा की जाए। उन्होंने कहा कि कोरोना के भय और धंधा बंद होने के कारण बड़ी संख्या में लोग गांव जा रहे रहे हैं।
महाराष्ट्र सरकार को इन लोगों को तत्काल राहत पहुंचाने के आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए। भाजपा नेता मिश्र ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखे पत्र में कहा है कि सड़क किनारे फेरी लगानेवाले छोटे दुकानदार, दिहाड़ी मजदूर, श्रमिकों, टैक्सी-आटो चालक आदि लोग रोज कमाकर अपनी आजीविका चलाते हैं।
उन्हें सरकारी मदद मिलनी चाहिये ताकि वे बाहर निकल कर काम करने को मजबूर न हों। मिश्र ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को एक दिन के लिए जनता कर्फ्यू की अपील की है, पर कोरोना वायरस की भयावहता को देखते हुए इसका आगे भी कुछ दिनों तक पालन करना चाहिए।