महाराष्ट्र में 80 हजार के पार पहुंचे कोरोना संक्रमित, एक दिन में बढ़े 2436 मरीज
- एक दिन में बढ़े 2436 मरीज, 24 घंटे में 139 की मौत
- राज्य में मृत्यु का आंकड़ा 3.55 फीसदी
- मुंबई में कोरोना से कुल 1519 लोगों की मौत, राज्य में यह संख्या 2849 पहुंची
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मुंबई में अनलॉक-1 का आगाज हो चुका है। लेकिन महानगर में कोरोना के कहर का अंत होता नहीं दिख रहा है। शुक्रवार को सूबे में 2436 नए कोरोना संक्रमित मिले। वहीं, 1149 मरीज मुंबई में बढ़े हैं।
इससे मुंबई में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 46080 हो गई है, जबकि राज्य में यह आंकड़ा 80 हजार 229 तक पहुंच गया है। वहीं, 1149 मरीज मुंबई में बढ़े हैं। साथ ही, 139 लोगों की मौत हुई है।
राज्य स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मृतकों में 75 पुरुष और 64 महिलाएं शामिल हैं। 139 में से 54 लोग मुंबई में और 30 लोगों की मौत ठाणे में हुई हैं।
इसके अलावा पुणे में 14,जलगांव में 14, मालेगांव में 8, कल्याण-डोंबिवली में 7, रत्नागिरी में 5, नासिक में 2 और वसई-विरार, भिवंडी और औरंगाबाद में एक-एक लोगों की मौत हुई है।
शुक्रवार तक मुंबई में कोरोना से कुल 1519 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि राज्य में यह संख्या 2849 हो गई है।
सरकार का कहना है कि राज्य में मृत्यु का आंकड़ा 3.55 फीसदी है, जबकि कोरोना वायरस के संक्रमण से स्वस्थ होने वाले मरीजों की संख्या 43.81 फीसदी है।
मुंबई में प्राइवेट अस्पतालों ने बढ़ाया सिरदर्द
आंकड़ों के अनुसार देश में 20 फीसदी कोरोना मरीज अकेले मुंबई में हैं। लेकिन मरीजों की संख्या के अनुरुप समुचित उपचार की ही व्यवस्था नहीं हो पा रही है।
वहीं, प्राईवेट अस्पतालों ने और भी सिरदर्द बढ़ा दिया है। राज्य सरकार के आदेश के बावजूद प्राइवेट अस्पतालों ने 80 फीसदी बेड मुहैया नहीं कराया है। इसके चलते कोविड-19 के एक्टिव केस चिंता बढ़ा रहे हैं।
मुंबई मे कोरोना संक्रमण में बेतहाशा वृद्धि और मरीजों के दम तोड़ने का सिलसिला लगातार जारी रहने के चलते राज्य सरकार ने 21 मई को सभी प्राइवेट अस्पतालों के 80 फीसदी बेड कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित करने का आदेश जारी किया था।
बेड-वेंटिलेटर के अभाव में दम तोड़ रहे हैं मरीज-मिश्र
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) में भाजपा दल के नेता पार्षद विनोद मिश्र ने आरोप लगाया है कि कोरोना संक्रमित मरीज बेड, वेंटिलेटर के अभाव में दम तोड़ रहे हैं।
शुक्रवार को बीएमसी मुख्यालय में भाजपा के पार्षदों ने मूक धरना दिया। मिश्र ने कहा कि 74 ट्रस्टी अस्पतालों में ही काफी बेड हैं।
इसके अलावा महानगर के प्राइवेट अस्पतालों को मिलाकर 16000 बेड कोरोना संक्रमितों के लिए उपलब्ध हो सकता है।
लेकिन सत्ताधारी दल के नेताओं की मिलीभगत से प्राइवेट अस्पतालों पर कार्रवाई नहीं हो रही है।
72 दिन बाद गुलजार हुई मुंबई
कोरोना संकट से जूझ रही देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में 72 दिन के शुक्रवार को गुलजार हुई। राज्य सरकार की नियमावली के अनुसार आर्थिक गतिविधियां शुरू हो गई।
कंटेनमेंट जोन छोड़कर लगभग पूरी मुंबई में ऑड-ईवन फार्मूले के तहत दुकानें खुलीं।
पहले दिन दुकान खुलने पर इलेक्ट्रॉनिक दुकानों, जूते-चप्पल की दुकानों, बरसात से बचने के लिए तालपत्री और अन्य आवश्यक सामानों की दुकानों पर लोगों की भीड़ देखी गई।
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के एक अधिकारी ने बताया कि ऑड- ईवन फार्मूले के आधार पर दुकानें खोली गई।
दुकानदारों को निर्देश दिया गया है कि वह कोरोना से संबंधित सुरक्षा का पालन करें, जिसमें सैनिटाइजर का उपयोग और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन शामिल है।
पहले दिन ग्राहकों और दुकानदारों ने इसका कड़ाई से पालन किया।