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MP News: सिवनी के स्कूल की बदहाली को बयां करती तस्वीर, कक्षा में छाते के नीचे पढ़ाई करने को मजबूर बच्चे
Thu, 28 Jul 2022 11:58 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिवनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिवनी
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Thu, 28 Jul 2022 11:58 AM IST
सार
सिवनी का एक वीडियो सामने आया है। जर्जर छत से पानी टपक रहा है और कक्षा में बच्चे छाता पकड़कर सिस्टम की बदहाली को प्रदर्शित कर रहे हैं।
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छाता लगाकर पढ़ते छात्र।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सिवनी के एक सरकारी स्कूल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इसमें टपक रही जर्जर छत के नीचे बैठे छात्र छाता लगाकर पढ़ाई कर रहे हैं। पढ़ाने वाले मास्टरजी भी तल्लीनता से पढ़ा रहे हैं, जैसे कुछ अनपेक्षित रहा ही न हो। यह वीडियो आदिवासी बहुल घंसौर ब्लॉक के खैरीकलां गांव के प्राइमरी स्कूल का बताया जा रहा है।
घंसौर ब्लॉक से सिर्फ सात किलोमीटर दूर स्थित खैरीकलां गांव लखनादौन विधानसभा में आता है। ग्रामीण रुस्तम मंसूरी के मुताबिक स्कूल की मरम्मत की मांग लंबे समय से उठ रही है। एक बार तो छत का प्लास्टर भी बच्चों के सिर पर गिरा था। इसके बाद भी स्कूल शिक्षा विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। एक अन्य ग्रामीण भीकम सिंह परते ने तो कह दिया कि बच्चों को स्कूल भेजने में ही डर लगता है।
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हालांकि, जिम्मेदार कहते हैं कि अधिकारियों को बता दिया है। कई बार मरम्मत के लिए आवेदन दिया है। जिला शिक्षा केंद्र को भी प्रस्ताव भेजे गए हैं। उसे मंजूरी मिलते ही मरम्मत का काम शुरू हो जाएगा।
बरसात के दिनों में गिरता है प्लास्टर
इस विद्यालय के प्रभारी प्रधान शिक्षक महेंद्र शर्मा ने मीडिया से कहा कि कक्षा की छत जर्जर हो चुकी है। इससे पहले तो एक बार प्लास्टर भी कक्षा के दौरान छात्रों पर गिरा था। बच्चा घायल हुआ था। कमरों में पानी भर जाता है, जिससे पढ़ाना मुश्किल हो जाता है। मई और जून में भी हमने मरम्मत के लिए प्रस्ताव भेजा था। उस पर कार्रवाई नहीं हुई है। बच्चे घर से छाता लाते हैं और उन्हें लगाकर ही पढ़ाई करते हैं।
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घंसौर ब्लॉक से सिर्फ सात किलोमीटर दूर स्थित खैरीकलां गांव लखनादौन विधानसभा में आता है। ग्रामीण रुस्तम मंसूरी के मुताबिक स्कूल की मरम्मत की मांग लंबे समय से उठ रही है। एक बार तो छत का प्लास्टर भी बच्चों के सिर पर गिरा था। इसके बाद भी स्कूल शिक्षा विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। एक अन्य ग्रामीण भीकम सिंह परते ने तो कह दिया कि बच्चों को स्कूल भेजने में ही डर लगता है।
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सिवनी के स्कूल की बदहाली को बयां करती तस्वीर, कक्षा में छाते के नीचे पढ़ाई करने को मजबूर बच्चे @dpradhanbjp @Indersinghsjp @ChouhanShivraj #SeoniSchool #MadhyaPradesh #MPNews #SchoolsInMP https://t.co/9MocJhw6hC pic.twitter.com/BMivgAKkwF
— Amar Ujala (@AmarUjalaNews) July 28, 2022
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हालांकि, जिम्मेदार कहते हैं कि अधिकारियों को बता दिया है। कई बार मरम्मत के लिए आवेदन दिया है। जिला शिक्षा केंद्र को भी प्रस्ताव भेजे गए हैं। उसे मंजूरी मिलते ही मरम्मत का काम शुरू हो जाएगा।
बरसात के दिनों में गिरता है प्लास्टर
इस विद्यालय के प्रभारी प्रधान शिक्षक महेंद्र शर्मा ने मीडिया से कहा कि कक्षा की छत जर्जर हो चुकी है। इससे पहले तो एक बार प्लास्टर भी कक्षा के दौरान छात्रों पर गिरा था। बच्चा घायल हुआ था। कमरों में पानी भर जाता है, जिससे पढ़ाना मुश्किल हो जाता है। मई और जून में भी हमने मरम्मत के लिए प्रस्ताव भेजा था। उस पर कार्रवाई नहीं हुई है। बच्चे घर से छाता लाते हैं और उन्हें लगाकर ही पढ़ाई करते हैं।
