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Swami Swaroopanand Died: शंकराचार्य को आज परमहंसी गंगा आश्रम में दी जाएगी समाधि, दर्शन को पहुंच रहे लोग
Mon, 12 Sep 2022 12:16 AM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नरसिंहपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नरसिंहपुर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Mon, 12 Sep 2022 12:16 AM IST
सार
द्वारिका पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का रविवार को निधन हो गया। उन्होंने मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले के झोतेश्वर स्थित परमहंसी गंगा आश्रम में दोपहर साढ़े 3 बजे आखिरी सांस ली। शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती की हिंदुओं के सबसे बड़े धर्मगुरुओं में गिनती होती थी। कल यानी सोमवार को नरसिंहपुर के परमहंसी गंगा आश्रम में उनको समाधि दी जाएगी।
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विस्तार
बद्रीनाथ और शारदा पीठ द्वारका के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का रविवार को निधन हो गया। उन्होंने मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले के झोतेश्वर स्थित परमहंसी गंगा आश्रम में माइनर हार्ट अटैक आने के बाद अंतिम सांस ली। सरस्वती को हिंदुओं का सबसे बड़ा धर्मगुरु माना जाता था।
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बता दें, स्वरूपानंद सरस्वती काफी लंबे समय से बीमार चल रहे थे। शंकराचार्य का बेंगलुरु में इलाज चल रहा था। कुछ ही दिन पहले वह आश्रम लौटे थे। उनके निधन पर शोक की लहर है। उनके शिष्य ब्रह्म विद्यानंद ने बताया, सोमवार शाम 5 बजे उन्हें आश्रम में ही समाधि दी जाएगी।
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जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद महाराज को मणिदीप आश्रम से गंगा कुंड स्थल तक पालकी से ले जाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में भक्त मौजूद रहे। भक्त जय गुरुदेव के जयघोष लगा रहे थे। गंगा कुंड पर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है। भारी संख्या में पुलिस बल भी यहां तैनात किया गया है। शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद महाराज के अंतिम दर्शन के लिए कई वीआईपी लोगों के आने का सिलसिला भी शुरू हो गया है।
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शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती का जन्म 2 सितम्बर 1924 को मध्यप्रदेश के सिवनी जिले के दिघोरी गांव में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम धनपति उपाध्याय और मां का नाम गिरिजा देवी थी। माता-पिता ने उनका नाम पोथीराम उपाध्याय रखा था।
