ओंकारेश्वर: सिंहस्थ के विकास कार्यों का सर्वे, मकान-दुकान टूटने की आशंका से चिंतित रहवासी; आगे क्या होगा?
सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत ओंकारेश्वर के शिवपुरी और ब्रह्मपुरी में प्रशासन ने 41 मकान-दुकानों का सर्वे किया। प्रभावित लोगों को अब मुआवजे, पुनर्वास और रोजगार की सुरक्षा के साथ प्रशासन के अगले निर्णय का इंतजार है।
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सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच ओंकारेश्वर में प्रस्तावित विकास कार्यों को लेकर प्रशासन ने एक बार फिर मैदानी स्तर पर कार्रवाई तेज कर दी है। ओंकारेश्वर तहसीलदार उदय मंडलोई के नेतृत्व में नगर परिषद और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को शिवपुरी और ब्रह्मपुरी क्षेत्र में देर रात तक सर्वे किया। शिवपुरी में 36 और ब्रह्मपुरी में 5 मकान-दुकानों को सर्वे में शामिल किया गया। रात करीब 10 बजे तक चली कार्रवाई के दौरान टीम ने संबंधित संपत्तियों की जानकारी जुटाई और मौके पर आवश्यक विवरण दर्ज किए।
सर्वे के दौरान प्रभावित मकान मालिकों और दुकानदारों ने प्रशासनिक टीम को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराते हुए सहयोग किया। हालांकि, सर्वे के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्रशासन की आगे की कार्रवाई किस दिशा में बढ़ेगी और क्या इन संपत्तियों पर किसी तरह की कार्रवाई अथवा विस्थापन की स्थिति बनेगी।
दरअसल, सिंहस्थ 2028 के लिए ओंकारेश्वर में प्रस्तावित विकास कार्यों को लेकर शिवपुरी, ब्रह्मपुरी और अन्य क्षेत्रों के रहवासियों में पहले से चिंता बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे विकास और सिंहस्थ की तैयारियों के विरोध में नहीं हैं, लेकिन विकास की कीमत पर वर्षों से बसे परिवारों और व्यापारियों के घर तथा रोजगार प्रभावित नहीं होने चाहिए।
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इसी मुद्दे को लेकर स्थानीय लोगों ने प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखी थीं। प्रभावित लोगों की मांग है कि किसी भी अंतिम निर्णय से पहले पारदर्शी सर्वे कराया जाए और प्रत्येक प्रभावित परिवार तथा दुकानदार की स्थिति स्पष्ट की जाए। साथ ही उचित मुआवजा, पुनर्वास, वैकल्पिक व्यवस्था और रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित किए बिना किसी को हटाने की कार्रवाई नहीं की जाए।
पूर्व में आंदोलन और बंद के बाद प्रशासन तथा स्थानीय प्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुई चर्चा में भी प्रभावित क्षेत्रों का दोबारा सर्वे कराने और लोगों से चर्चा के बाद आगे की कार्रवाई करने की बात सामने आई थी। इसके बाद हुआ यह सर्वे स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब प्रशासन द्वारा किए गए सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर आगे क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं। प्रभावित परिवारों और दुकानदारों को उम्मीद है कि सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के साथ उनके हितों और भविष्य की सुरक्षा को भी समान प्राथमिकता मिलेगी।
