Khargone/Khandwa: मुनाफे से नीलामी तक पहुंची पूर्व मंत्री की जवाहर कॉटन मिल, चढ़ा 24.16 करोड़ का कर्ज
जिस कॉटन मिल ने एक समय करोड़ों का मुनाफा कमाया, अब वह नीलामी की कगार पर है। मध्यप्रदेश कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव की अध्यक्षता वाली जवाहरलाल नेहरू सहकारी सोसायटी पर NCDC का ब्याज समेत 24.16 करोड़ रुपए से अधिक बकाया है।
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मध्यप्रदेश कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव की अध्यक्षता वाली जवाहरलाल नेहरू सहकारी एग्रीकल्चर प्रोड्यूस प्रोसेसिंग सोसायटी लिमिटेड से जुड़ी कॉटन मिल अब नीलामी की प्रक्रिया में पहुंच गई है। नेशनल को-ऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ने ब्याज समेत सोसायटी पर 24 करोड़ 16 लाख 39 हजार 17 रुपए की देनदारी बताई है। इस राशि की वसूली के लिए 23 सितंबर को मिल की जमीन, भवन और मशीनरी की नीलामी प्रस्तावित है। NCDC की क्षेत्रीय निदेशक इंद्रजीत कौर ने इस संबंध में नीलामी सूचना जारी की है।
जानकारी के मुताबिक नीलामी में सोसायटी की करीब 19.25 एकड़ जमीन, भवन और मशीनरी शामिल हैं। पूरी संपत्ति को दो हिस्सों में बांटकर नीलामी की जाएगी। पहले हिस्से का रिजर्व प्राइस करीब 4.25 करोड़ रुपए, जबकि दूसरे हिस्से का रिजर्व प्राइस करीब 3.83 करोड़ रुपए रखा गया है। बताया गया है कि सोसायटी पर NCDC के अलावा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और NABARD की भी देनदारियां हैं। NCDC ने 6 मई 2025 को करीब 20.97 करोड़ रुपए की मांग रखी थी। इसके बाद 25 अगस्त 2025 को निगम ने मिल पर कब्जा लिया। 16 जुलाई तक ब्याज जुड़ने के बाद यह राशि बढ़कर 24.16 करोड़ रुपए से अधिक हो गई।
खरगोन जिले में स्थित यह कॉटन मिल करीब 40 साल पुरानी बताई जा रही है। लंबे समय तक यहां कॉटन का उत्पादन होता रहा। सोसायटी से जुड़ी शुगर मिल भी संचालित होती थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2023-24 में सोसायटी ने 25.56 करोड़ रुपए का मुनाफा दर्ज किया था। इसके बाद हुए चुनाव में अरुण यादव अध्यक्ष बने और उस समय दीपक कट्टी प्रबंध निदेशक थे। इसके बाद मिल की आर्थिक स्थिति बिगड़ने और लगातार घाटे में जाने की बात सामने आई। दिसंबर 2023 में कॉटन मिल बंद हो गई, जबकि इससे जुड़ी शुगर मिल भी लंबे समय से बंद है।
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यह सहकारी सोसायटी लंबे समय से राजनीतिक और सहकारी क्षेत्र से जुड़े परिवार के प्रभाव में रही है। इससे पहले अरुण यादव और सचिन यादव के पिता सुभाष यादव इसके अध्यक्ष रह चुके हैं। बाद में उनकी पत्नी ने भी चेयरपर्सन की जिम्मेदारी संभाली। वर्तमान में अरुण यादव अध्यक्ष हैं। मौजूदा बोर्ड में डिप्टी चेयरमैन भूपेंद्र भरत यादव और संगीता सिलदर पटेल के अलावा कुल नौ निदेशक शामिल हैं।
NCDC की कार्रवाई के बीच सोसायटी पर अन्य वित्तीय संस्थानों का कर्ज भी होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में 23 सितंबर की प्रस्तावित नीलामी को लेकर सहकारी क्षेत्र में भी नजरें टिकी हैं। नीलामी से मिलने वाली राशि से बकाया रकम की वसूली की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
इस मामले में अरुण यादव से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। वहीं प्रबंध निदेशक दीपक कट्टी ने कहा कि NCDC ने नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी है और इसकी सूचना साइट पर अपलोड की गई है। उन्होंने यह भी माना कि यूनिट पिछले करीब एक साल से बंद पड़ी है।
