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Indore News: हाई कोर्ट ने किया बड़ा खुलासा, MPPSC कटऑफ देख उड़े होश
Thu, 17 Apr 2025 07:14 AM IST
अर्जुन रिछारिया
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Thu, 17 Apr 2025 07:14 AM IST
सार
Indore News: एमपीपीएससी 2025 की प्रारंभिक परीक्षा का कटऑफ हाई कोर्ट की सुनवाई के दौरान उजागर हो गया है। जनरल श्रेणी का कटऑफ 158 अंक तक पहुंच गया है, जो अब तक का सबसे ऊंचा माना जा रहा है।
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मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC)
- फोटो : आधिकारिक वेबसाइट (@mppsc.mp.gov.in.)
विस्तार
मप्र लोक सेवा आयोग (एमपी-पीएससी) की राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2025 पर बड़ा खुलासा हुआ है। अब तक गोपनीय रखे गए कटऑफ आखिरकार हाई कोर्ट की सुनवाई के दौरान सामने आ गई। आयोग ने आंकड़े बंद लिफाफे में सौंपे थे, जिसे कोर्ट ने सार्वजनिक कर दिया। जनरल श्रेणी का कटऑफ इस बार 158 अंक यानी 79% तक पहुंच गया है, जो अब तक के सबसे ऊंचे कटऑफ में से एक माना जा रहा है। बता दें कि हाई कोर्ट पहले ही पीएससी के इस रिजल्ट पर रोक लगा चुका है और अब 9 जून से प्रस्तावित मुख्य परीक्षा पर भी सस्पेंस बना हुआ है। परीक्षा होगी या नहीं, इस पर अगली सुनवाई में ही फैसला होगा।
पीएससी ने वर्ग के हिसाब से जारी नहीं की थी कटऑफ, इसलिए रुका रिजल्ट
पीएससी ने 16 फरवरी को हुई प्री का परिणाम 5 मार्च को जारी कर दिया था, पर इस बार परंपरा से हटते हुए कैटेगिरीवाइज कटऑफ सार्वजनिक नहीं किया। इससे अभ्यर्थियों में असंतोष फैला और कई याचिकाएं कोर्ट में पहुंचीं। याचिकाकर्ताओं ने दो मुख्य आरोप लगाए।
पहला- कटऑफ अंक नहीं जारी करना पारदर्शिता के खिलाफ है। दूसरा- जनरल सीटों पर आरक्षित वर्ग के प्रतिभाशाली उम्मीदवारों को बाहर कर दिया गया है। इस पर कोर्ट ने न सिर्फ प्री का रिजल्ट रोका, बल्कि मुख्य परीक्षा को भी रोक दिया।
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पीएससी ने वर्ग के हिसाब से जारी नहीं की थी कटऑफ, इसलिए रुका रिजल्ट
पीएससी ने 16 फरवरी को हुई प्री का परिणाम 5 मार्च को जारी कर दिया था, पर इस बार परंपरा से हटते हुए कैटेगिरीवाइज कटऑफ सार्वजनिक नहीं किया। इससे अभ्यर्थियों में असंतोष फैला और कई याचिकाएं कोर्ट में पहुंचीं। याचिकाकर्ताओं ने दो मुख्य आरोप लगाए।
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पहला- कटऑफ अंक नहीं जारी करना पारदर्शिता के खिलाफ है। दूसरा- जनरल सीटों पर आरक्षित वर्ग के प्रतिभाशाली उम्मीदवारों को बाहर कर दिया गया है। इस पर कोर्ट ने न सिर्फ प्री का रिजल्ट रोका, बल्कि मुख्य परीक्षा को भी रोक दिया।
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