MP Election 2023: कांग्रेस को इस बार भी है निमाड़ से उम्मीद, पिछले चुनाव में 28 में से 21 सीटों पर था कब्जा
निमाड़ की 28 में से 21 सीटों पर कांग्रेस ने जीत दर्ज कराई थी। इसके अलावा खंडवा के निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा, भगवानपुरा से केदार डावर ने कांग्रेस को समर्थन दिया था। इस तरह कुल 23 सीटें कांग्रेस के पास थी।
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मध्य प्रदेश की सत्ता की रास्ता मालवा निमाड़ से होकर गुजरता है। पिछले चुनाव में कांग्रेस का मालवा की तुलना में निमाड़ में बेहतर प्रदर्शन रहा था। इस क्षेत्र की 28 सीटों मे से 21 पर कांग्रेस के उम्मीदवार जीते थे और दो पर कांग्रेस के बागी चुनाव जीते। बाद में उन्होंने कांग्रेस को ही समर्थन दिया। इस बार भी कांग्रेस ने निमाड़ की 28 सीटों में से 19 पर उम्मीदवार घोषित कर दिए है। इनमें अधिकांश विधायकों को दोबारा टिकट दिया गया है। कांग्रेस खंडवा, खरगोन, धार और झाबुआ जिले को अपना वोटबैंक मानकर चल रही है। इन चार जिलों में एससी और एसटी की ज्यादातर सीटें है।
मालवा क्षेत्र की बात करें तो यहां कुल 38 सीटें है। इनमें कांग्रेस ने 16 सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए है और 22 सीटों को होल्ड पर रखा है।मालवा में 38 में से कांग्रेस ने 13 सीट जीती थी और एक निर्दलीय ने भी समर्थन दिया था। इस तरह 38 में से 14 सीटों पर कांग्रेस ने जीत दर्ज कराई थी।
जीत के बाद चार कांग्रेस विधायकों ने भाजपा का दामन थामा
निमाड़ की 28 में से 21 सीटों पर कांग्रेस ने जीत दर्ज कराई थी। इसके अलावा खंडवा के निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा, भगवानपुरा से केदार डावर ने कांग्रेस को समर्थन दिया था। इस तरह कुल 23 सीटें कांग्रेस के पास थी।
दलबदल की राजनीति के बाद मांधाता से विधायक नारायण पटेल, नेपानगर से सुमित्रा कास्डेकर, सचिन बिरला ने भाजपा का दामन थाम लिया, सिंधिया गुट के विधायक राजवर्धन सिंह दत्तीगांव ने भी भाजपा का दामन थाम लिया। जोबट में कांग्रेस विधायक कलावती भूरिया के निधन के बाद हुए उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार सुलोचना रावत ने जीत कर कांग्रेस से एक सीट छिन ली और निमाड़ में कांग्रेस की सीट घटकर 18 रह गई थी।
मालवा में कमजोर था कांग्रेस का प्रदर्शन, बाद में हुआ नुकसान
मालवा में सुसनेर से निर्दलीय विक्रम सिंह राणा चुनाव जीते, जबकि 13 सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवार चुनाव जीते थे। मनोहर ऊंटवाल के सांसद बनने के बाद आगर सीट पर उपचुनाव हुए जिसमें कांग्रेस प्रत्याशी जीते और कांग्रेस की सीट 14 हो गई,जबकि तीन कांग्रेस विधायक भाजपा में चले गए। इनमें मनोज चौधरी, हरदीप सिंह डंग और तुलसी सिलावट शामिल है। इसके बाद कांग्रेस की घटकर 11 सीट रह गई। मालवा में कांग्रेस को पिछले विधानसभा चुनाव में कम सीटें मिली थी और उपचुनाव में भी कांग्रेस उम्मीदवार नहीं जीत पाए थे।
