Indore News: इंदौर के शास्त्री ब्रिज के नीचे मिले चूहों के बिल और कब्जे की दुकान
फुटपाथ और सड़क के बीच पांच से ज्यादा स्थानों पर दो से चार इंच के गेप आ चुके है। भविष्य में उन हिस्सों के धंसने की संभावना भी बनी हुई है। नगर निगम ब्रिज की मरम्मत नहीं की, लेकिन डिवाइडर बनाकर नए रैलिंग लगा दिए।
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इंदौर में चूहों की तादात इतनी बढ़ गई है कि उनकी आतंक अस्पताल, बंगलों के अलावा अब ब्रिजों तक भी पहुंच चुका है। रविवार को शास्त्री ब्रिज पर पांच फीट का गड्ढा हो गया। अफसरों ने जांच की तो पाया कि ब्रिज के नीचे सीमेंट की दीवारों में छेंद कर चूहों ने अपने बिल बनाए। इसके अलावा ब्रिज के नीचे के हिस्से की खुदाई कर एक व्यक्ति चाय की दुकान भी चला रहा था। चूहों को भगाने के लिए अफसर ब्रिज के नीचे पेस्ट कंट्रोल कराएंगे और दुकान का कब्जा भी हटाया जाएगा।
ब्रिज के दीवारों में भी दरारें
शास्त्री ब्रिज 75 साल से भी ज्यादा पुराना है और इसकी मरम्मत भी नहीं होती है। पांच साल पहले इसकी दोनो पैदल सीढि़यां टूट कर गिर गई। इसके अलावा ब्रिज की दीवारों में भी दरारें आ चुकी है। गांधी हाॅल वाले हिस्से में तो सरिए भी दिखाई देते है।
फुटपाथ और सड़क के बीच पांच से ज्यादा स्थानों पर दो से चार इंच के गेप आ चुके है। भविष्य में उन हिस्सों के धंसने की संभावना भी बनी हुई है। नगर निगम ब्रिज की मरम्मत नहीं की, लेकिन डिवाइडर बनाकर नए रैलिंग लगा दिए। इस ब्रिज पर ट्रैफिक का दबाव भी ज्यादा बढ़ गया है।
आपको बता दें कि गांधी प्रतिमा से शास्त्री मार्केट की तरफ आने वाली लेन में पांच फीट गहरा और छह फीट लंबा गड्डा हुआ है। भीतर का हिस्सा पूरी तरह खोखला हो चुका था और पुराने सरिए भी दिखाई देने लगे। नगर निगम ने गड्डे में मिट्टी डाल दी, लेकिन अभी भी बेरिकेड लगाए गए है। अब ब्रिज के अन्य हिस्सों की भी जांच की जा रही है।
