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Indore News: 11 शराब दुकानें 30% सस्ती हुई, फिर भी 28 करोड़ का नुकसान
Tue, 01 Apr 2025 08:41 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला ,इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला ,इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Tue, 01 Apr 2025 08:41 PM IST
सार
Indore News: इंदौर की 11 शराब दुकानों को 30% कम कीमत पर नीलाम किया गया, जिससे 126 करोड़ की जगह सिर्फ 98 करोड़ में बिक्री हुई। आज से नए लाइसेंस के आधार पर प्रदेशभर में शराब दुकानें संचालित होंगी।
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विस्तार
इंदौर की कुल 173 शराब दुकानों में से 11 दुकानें बिक्री से रह गई थीं, जिन्हें नीलाम करने के लिए आबकारी विभाग ने 30 प्रतिशत तक कम कीमत पर आवेदन आमंत्रित किए थे। इसके बाद इन दुकानों की नीलामी हुई और 126 करोड़ रुपए की निर्धारित कीमत के मुकाबले 98 करोड़ रुपए में इनका सौदा तय हो गया। इसमें 28 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। आबकारी विभाग द्वारा इन दुकानों की नीलामी की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, जिससे अब इंदौर सहित पूरे प्रदेश में सभी शराब दुकानों का संचालन नए लाइसेंस के आधार पर किया जाएगा।
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शराब लाइसेंस प्रक्रिया और बढ़ी हुई कीमतें
इंदौर की 173 शराब दुकानों के वित्तीय वर्ष 2025-26 के लाइसेंस के लिए आबकारी विभाग ने फरवरी से ही प्रक्रिया शुरू कर दी थी। शासन द्वारा लागू नई शराब नीति के अनुसार, इस बार लाइसेंस शुल्क में 20 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी। इस बढ़ोतरी के कारण कई पुराने शराब व्यापारी और नए निवेशक इन दुकानों को खरीदने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे थे, जिससे 11 दुकानें बिना खरीदार के रह गई थीं। इन्हीं दुकानों को बेचने के लिए विभाग ने पुनः आवेदन आमंत्रित किए और तय कीमत से 30 प्रतिशत कम दर पर भी आवेदन स्वीकार किए गए।
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शराब की कीमतों में होगी बढ़ोतरी
आबकारी अधिकारियों के अनुसार, शराब कंपनियां नए वित्तीय वर्ष में शराब की कीमतें बढ़ाने की योजना बना रही हैं। इससे यह स्पष्ट है कि आने वाले समय में आम उपभोक्ताओं को महंगी शराब खरीदनी पड़ेगी। अधिकारियों ने यह भी बताया कि नए लाइसेंस लागू होने के साथ ही प्रदेशभर में शराब दुकानों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। इसके अलावा, कुछ शराब दुकानों के स्थान भी बदले जा सकते हैं, क्योंकि कई इलाकों में इन दुकानों के खिलाफ स्थानीय लोगों द्वारा विरोध दर्ज किया गया है।
पिछले साल इंदौर की सभी 173 शराब दुकानें 1485 करोड़ रुपए में बिकी थीं, जबकि इस साल इनकी कीमत 1751 करोड़ रुपए तय की गई। आबकारी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इसके बावजूद यह आंकड़ा संतोषजनक है और नए वित्तीय वर्ष में शराब बाजार की मांग को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सुधार किए जाएंगे।
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शराब लाइसेंस प्रक्रिया और बढ़ी हुई कीमतें
इंदौर की 173 शराब दुकानों के वित्तीय वर्ष 2025-26 के लाइसेंस के लिए आबकारी विभाग ने फरवरी से ही प्रक्रिया शुरू कर दी थी। शासन द्वारा लागू नई शराब नीति के अनुसार, इस बार लाइसेंस शुल्क में 20 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी। इस बढ़ोतरी के कारण कई पुराने शराब व्यापारी और नए निवेशक इन दुकानों को खरीदने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे थे, जिससे 11 दुकानें बिना खरीदार के रह गई थीं। इन्हीं दुकानों को बेचने के लिए विभाग ने पुनः आवेदन आमंत्रित किए और तय कीमत से 30 प्रतिशत कम दर पर भी आवेदन स्वीकार किए गए।
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शराब की कीमतों में होगी बढ़ोतरी
आबकारी अधिकारियों के अनुसार, शराब कंपनियां नए वित्तीय वर्ष में शराब की कीमतें बढ़ाने की योजना बना रही हैं। इससे यह स्पष्ट है कि आने वाले समय में आम उपभोक्ताओं को महंगी शराब खरीदनी पड़ेगी। अधिकारियों ने यह भी बताया कि नए लाइसेंस लागू होने के साथ ही प्रदेशभर में शराब दुकानों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। इसके अलावा, कुछ शराब दुकानों के स्थान भी बदले जा सकते हैं, क्योंकि कई इलाकों में इन दुकानों के खिलाफ स्थानीय लोगों द्वारा विरोध दर्ज किया गया है।
पिछले साल इंदौर की सभी 173 शराब दुकानें 1485 करोड़ रुपए में बिकी थीं, जबकि इस साल इनकी कीमत 1751 करोड़ रुपए तय की गई। आबकारी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इसके बावजूद यह आंकड़ा संतोषजनक है और नए वित्तीय वर्ष में शराब बाजार की मांग को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सुधार किए जाएंगे।
