Indore News: खुले बोरवेल में गिरेे बच्चे को बाहर निकाला, लेकिन नहीं बच सका
जिस बोरवेल में बच्चा गिरा है, वह ढाई सौ फीट गहरा है, लेकिन 20 फीट गहराई तक उसकी चौड़ाई दस इंच है और उसके बाद छह इंच। बच्चा 20 फीट गहराई में फंसा था। अंधेरा होने के कारण बचाव कार्य प्रभावित न हो, इसलिए वहां पर्याप्त रोशनी भी की गई है।
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अलीराजपुर जिले के गांव खंडाला में मंगलवार शाम एक बच्चा खुले बोरवेल में गिर गया। वह 20 फीट पर फंसा हुआ था। प्रशासन ने बचाव कार्य शुरू करते हुए साढ़े पांच घंटे बाद बच्चे को निकाल लिया,लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।
डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसे बचाने के लिए बोरवेल के समानांनतर एक 20 फीट का गड्ढा खोदा गया था, लेकिन चट्टानें आने की वजह से खुदाई का काम भी प्रभावित हुआ। बच्चे तक बचाव दल को पहुंचने में साढ़े पांच घंटे का समय लगा। गड्ढे से बोरवेल के बीच सुरंग बनाकर बच्चे को निकाला गया और अलीराजपुर के जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। डाक्टरों ने बच्चे का परीक्षण किया और उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना मंगलवार शाम चार बजे की है। एक माह पहले बोरवेल किया गया था, लेकिन पानी नहीं निकलने के कारण उसे खुला छोड़ दिया गया। मंगलवार शाम को खेलते-खेलते पांच वर्षीय विजय पिता दिनेश उसमें जा गिरा और 20 फीट पर जाकर फंस गया।
अफसरों ने बताया कि बच्चे को सांस लेने में तकलीफ न हो, इसलिए छोटे पाइप के द्वारा आक्सीजन पहुंचाई गई। बचाव दल के पहुंचने के बाद गड्डे में फंसा बच्चा हलचल कर रहा था और अफसरों ने पिता से उसकी बातचीत भी कराई थी, लेकिन पांच बजे के बाद बच्चे की अावाज नहीं अा रही थी।
कलेक्टर अभय बेड़ेकर ने कहा कि विजय को बचाने के लिए बोरवेल के पास गढ्डा खोदा गया। हमारी कोशिश थी कि बच्चा सुरक्षित निकले, लेकिन डाक्टरों ने बताया कि अस्पताल तक लाने के ढाई घंटे पहले बचचे की मौत हो गई थी। बच्चे के पिता दिनेश ने बताया कि मैं अपने परिवार के साथ साडू भाई के यहां आया था। उनके घर के पास यह बोरवेल है। मुझे जब उसके गिरने का पता चला तो मैं बोरवेल के पास आया। तब विजय रो रहा था और काफी घबरा रहा था। तमाम कोशिशों के बावजूद वह बच नहीं पाया।
ढाई सौ फीट गहरा है बोरवेल
जिस बोरवेल में बच्चा गिरा था। वह ढाई सौ फीट गहरा है, लेकिन 20 फीट गहराई तक उसकी चौड़ाई दस इंच है और उसके बाद छह इंच। बच्चा 20 फीट गहराई में फंसा था अंधेरा होने के कारण बचाव कार्य प्रभावित न हो, इसलिए वहां पर्याप्त रोशनी भी की गई है। बाहर निकाले जाने के ढाई घंटे पहले बच्चे ने बोरवेल में अंतिम सांसे ली।
