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Indore News: सावधान! इंदौर में मिले 'मौत के बैक्टीरिया' कितने खतरनाक? आप भी चौंक जाएंगे

Mon, 05 Jan 2026 05:30 PM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर Published by: अर्जुन रिछारिया Updated Mon, 05 Jan 2026 05:30 PM IST
सार

Indore News: नर्मदा जल की सप्लाई में सीवर का पानी मिलने से हड़कंप मचा हुआ है। लैब रिपोर्ट में पानी के नमूनों में ई-कोलाई, विब्रियो और फीकल कॉलिफॉर्म जैसे जानलेवा बैक्टीरिया पाए गए हैं, जिससे हैजा और डायरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।

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Indore News Contaminated Narmada water in Bhagirathpura, lab reports find E. coli and Cholera bacteria
इंदौर में गंदे पानी में मिली खतरनाक बैक्टीरिया - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

विस्तार

इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में पिछले कई दिनों से सप्लाई हो रहे नर्मदा जल को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। सरकारी और निजी लैब में की गई सैंपलिंग की रिपोर्ट में सामने आया है कि इस पानी में हैजा और डायरिया जैसी जानलेवा बीमारियों के बैक्टीरिया मौजूद हैं। स्वास्थ्य विभाग ने पानी को घरेलू उपयोग और पीने के लिए पूरी तरह अनुपयुक्त पाया है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग इसकी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग और प्राइवेट लैबों के सूत्रों के मुताबिक जांच रिपोर्ट में पता चला है कि यह पानी पीने योग्य नहीं है।
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सीपेज से घुला पानी में जहर
जांच रिपोर्ट के अनुसार पानी में फीकल कॉलिफॉर्म, ई-कोलाई, विब्रियो और प्रोटोजोआ जैसे खतरनाक बैक्टीरिया मिले हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इन जीवाणुओं की मौजूदगी का सीधा अर्थ यह है कि पीने के पानी की लाइन में सीवर का गंदा पानी (सीपेज) मिल रहा है। रिपोर्ट में पानी के सैंपल्स को अनसैटिस्फैक्ट्री श्रेणी में रखा गया है।
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100 से अधिक कॉलेजों और निजी अस्पतालों की लैब में गए सैंपल
क्षेत्र में लगातार हो रही मौतों और बीमारी के बाद रविवार से पानी के सैंपल्स लिए जा रहे हैं। हालांकि कलेक्टर शिवम वर्मा ने खुद क्षेत्र का दौरा किया और पानी पीकर रहवासियों को यह विश्वास दिलाने की कोशिश की कि पानी साफ है। वहीं संक्रमण के समय लिए गए पानी की लैब कल्चर की रिपोर्ट कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। शहर के 100 से अधिक कॉलेजों और निजी अस्पतालों की लैब में भेजे गए मरीजों और पानी के सैंपल्स ने स्थिति को चिंताजनक बताया है।
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बीमारियों का बढ़ा खतरा
रिपोर्ट में विब्रियो कोलेरी बैक्टीरिया मिलने की पुष्टि हुई है जो हैजा फैलाने के लिए जिम्मेदार है। सूत्रों के मुताबिक सरकारी तंत्र अब भी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं कर रहा है और इस मामले को टालने का प्रयास किया जा रहा है जबकि क्षेत्र में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।


दूषित पानी में मिले प्रमुख बैक्टीरिया और उनके द्वारा शरीर पर होने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी:

1. फीकल कॉलिफॉर्म (Fecal Coliform)
स्रोत: यह मुख्य रूप से मानव या पशुओं के मल में पाया जाता है।
प्रभाव: इसकी मौजूदगी सीधे तौर पर यह संकेत देती है कि पीने के पानी की लाइन में सीवर का गंदा पानी मिल रहा है। यह अन्य घातक रोगजनकों की उपस्थिति का प्रारंभिक सूचक है।

2. ई-कोलाई (E. coli)
प्रभाव: यह बैक्टीरिया पाचन तंत्र पर सीधा हमला करता है।
लक्षण: इसके संक्रमण से गंभीर दस्त (Diarrhea), लगातार उल्टी होना और पेट में तेज दर्द की समस्या होती है।

3. विब्रियो कोलेरी / विब्रियो स्पीशीज (Vibrio Cholerae)
प्रभाव: यह हैजा (Cholera) फैलाने वाला मुख्य बैक्टीरिया है।
लक्षण: इसके कारण शरीर में पानी की भारी कमी (Dehydration) हो जाती है और लूज मोशन की समस्या बढ़ जाती है, जो समय पर इलाज न मिलने पर जानलेवा हो सकती है।

4. स्यूडोमोनास एरूजिनोसा (Pseudomonas Aeruginosa)
प्रभाव: यह उन लोगों के लिए सबसे अधिक खतरनाक है जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) कमजोर है।
संक्रमण: इससे फेफड़ों में संक्रमण (Infection) और रक्त में जहर (Blood infection) फैलने का खतरा रहता है।

5. क्लेबसेला स्पीशीज (Klebsiella Species)
प्रभाव: यह शरीर के विभिन्न अंगों को प्रभावित करता है।
संक्रमण: मुख्य रूप से फेफड़ों में संक्रमण (जैसे निमोनिया), मूत्र मार्ग में संक्रमण (UTI) और पेट संबंधी बीमारियों का कारण बनता है।

6. सिट्रोबैक्टर स्पीशीज (Citrobacter Species)
प्रभाव: यह गंदे और दूषित पानी के माध्यम से फैलता है।
जोखिम: यह बैक्टीरिया विशेष रूप से छोटे बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।

7. प्रोटोजोआ (Protozoa)
विवरण: बैक्टीरिया के अलावा पानी में प्रोटोजोआ भी पाए गए हैं, जो आमतौर पर आंतों में संक्रमण और लंबे समय तक चलने वाले दस्त का कारण बनते हैं।
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