Indore: मंत्री विजयवर्गीय बने दुकानदार, पुश्तैनी दुकान पर ग्राहकों को तौल कर दिया सामान
मंत्री करीब एक घंटे तक अपनी दुकानों पर बैठे। मीडियाकर्मियों से चर्चा में उन्होंने कहा कि किराने की दुकान 40 साल से ज्यादा पुरानी है। वह पहले घर के आगे के कमरे में संचालित होती थी। मेरी माता अयोध्याबाई विजयर्गीय दुकान संभालती थी।
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मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने धनतेरस पर अपनी पुश्तैनी दुकान पर ग्राहकों को सामान बेचा। वे दोपहर में नंदानगर स्थित दुकान पर पहुंचे। पहले उन्होंने पूजा की। इसके बाद वे ग्राहकों को सामान बेचने लगे। विजयवर्गीय ने सामान की ग्राहकों से सामान की लिस्ट ली।
इसके बाद शक्कर, तेल, घी व अन्य सामग्री के पैकेट तैयार कर उन्हें तौला और फिर ग्राहकों से पैसे लिए। मंत्री करीब एक घंटे तक अपनी दुकानों पर बैठे। मीडियाकर्मियों से चर्चा में उन्होंने कहा कि किराने की दुकान 40 साल से ज्यादा पुरानी है। वह पहले घर के आगे के कमरे में संचालित होती थी। मेरी माता अयोध्याबाई विजयर्गीय दुकान संभालती थी। हम बच्चे भी उनका दुकान में हाथ बंटाते थे।
हर साल मैं धन तेरस पर दुकान पर आकर ग्राहकों से मिलता हूँ,दुकान के ग्राहक भी परंपरागत है। जिनके माता-पिता हमारे यहां किराना लेते आते थे, उनकी संतानें भी हमारे यहां से ही सामान लेती है। मंत्री विजयवर्गीय ने धनतेरस की लोगों को शुभकामनाएं देते हुए लोकल फार वोकल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी वस्तुएं इस दीपावली पर खरीदे।
गरीब तबका भी इस समय फुटपाथ, सड़कों पर सामान बेचकर त्यौहार मनाने के लिए कमाता है। हमें उन लोगों को भी ध्यान रखना चाहिए। विदेशी वस्तुएं हमने खरीदी तो विदेशी कंपनियों को फायदा होगा। विजयवर्गीय ने अन्य सवालों के जवाब भी दिए।
