Indore: इंदौर के युगपुरुष धाम में फिर एक बच्चे की मौत,बीमारी के कारण हो चुका था काफी कमजोर
मंगलवार को जिस बच्चे की मौत हुई। उसे छह साल पहले आश्रम में प्रवेश दिया गया था। वह मिर्गी की बीमारी से पीडि़त था और आश्रम में ही उसका इलाज चल रहा था। बीते कुछ दिनों से उसकी हालत ज्यादा खराब थी और वह बिस्तर से उठ भी नहीं पा रहा था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इंदौर के युगपुरुष धाम में फिर एक बच्चे की मौत हो गई। दिव्यांग बच्चा छह साल से आश्रम में रहता था, उसे मिर्गी के दौरे आते थे और वह बीमारी के कारण काफी कमजोर हो चुका थ और बिस्तर पर था। सुबह फिर उसे मिर्गी का दौरा पड़ा और उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बच्चे की मौत की जानकारी आश्रम में अफसरों व बाल कल्याण समिति को भेज दी। अफसरों ने बच्चे की बीमारी की जानकारी भी आश्रम से जुटाई। 20 दिन पहले भी आश्रम में एक बीमार किशोरी की मौत हो गई थी। बच्ची बुरहानपुर क्षेत्र की रहने वाली थी।
मंगलवार को जिस बच्चे की मौत हुई। उसे छह साल पहले आश्रम में प्रवेश दिया गया था। वह मिर्गी की बीमारी से पीडि़त था और आश्रम में ही उसका इलाज चल रहा था। बीते कुछ दिनों से उसकी हालत ज्यादा खराब थी और वह बिस्तर से उठ भी नहीं पा रहा था। उसकी मौत की सूचना आश्रम ने परिजनों को भी दे दी।
परिजन आश्रम पहुंचकर बच्चे के शव को ले गए। आपको बता दे कि जुलाई में आश्रम में तीन सप्ताह में दस बच्चों की मौत हो गई थी। तब आश्रम ने इसकी जानकारी अफसरों से छुपाई थी। दूषित पानी पीने से आश्रम के बच्चे बीमार हुई थे।
मौत की जानकारी मिलने के बाद पचास से ज्यादा बच्चों को अस्पताल में भर्ती किया गया था। आश्रम के कई बच्चों को दूसरे संस्थानों में शिफ्ट किया गया था। इस मामले में प्रशासन ने जांच भी कराई थी और आश्रम वार्डन को तब हटाया गया था।
