Indore: इंदौर में 12 स्थानों पर बजेंगे हवाई चेतावनी वाले सायरन, माॅकड्रिल की तैयारी
कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देश माॅकड्रिल को लेकर आए है। देशभर के 244 जिलों में माॅकड्रिल होना है। इसमें इंदौर भी है। इसकी तैयारी शुरू हो गई है। शहर में 12 स्थानों पर सायरन लगाने का काम शुरू कर दिया गया है।
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इंदौर में 54 साल बाद शहरवासियों को हवाई चेतावनी वाले सायरन सुनने को मिलेंगे। इंदौर में राजवाड़ा, श्रमिक क्षेत्र, अन्नपूर्णा क्षेत्र, एरोड्रम क्षेत्र, बाणगंगा सहित 12 इलाकों में सायरन बुधवार दोपहर तक लगाए जाएंगे। इसके लिए प्रशासन ने तैयारी कर ली है। बुधवार को शहर में इसकी माॅकड्रिल की जाएगी। इसके लिए प्रशासन वालिटियर्स भी बनाएगा, जो रहवासियों को बताएंगे कि सायरन बचने पर क्या करना होगा और क्या नहीं करना होगा।
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मध्य प्रदेश में इंदौर के अलावा भोपाल, ग्वालियर, कटनी, जबलपुर में माॅकड्रिल होगी।इस माॅकड्रिल में पुलिस, प्रशासन, एनसीसी और एनएसएस केडेट्स, होमगार्ड, सिविल डिफेंस वार्डन और काॅलेज के विद्यार्थी सहयोग करेंगे। शहर में शाम सात बजे ब्लैक आउट किया जाएगा।
कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देश माॅकड्रिल को लेकर आए है। देशभर के 244 जिलों में माॅकड्रिल होना है। इसमें इंदौर भी है। इसकी तैयारी शुरू हो गई है। शहर में 12 स्थानों पर सायरन लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। सिलिव डिफेंस के वालिटियर्स को तय करने का काम शुरू कर दिया है।
दीपक तक नहीं जला सकते थे घर के बाहर
इंदौर में वर्ष 1971 में भारत पाकिस्तान युद्ध के समय ब्लैक आउट होता था। तब शहर में अंधेरा किया जाता था। सायरन बजते ही शहरवासी सुरक्षित स्थानों पर पहुंच जाते थे। इंदौर निवासी नारायण राव मंचरे बताते है कि ब्लैक आउट के समय घर के बाहर दीपक तक नहीं जलाते थे। इसका उद्देश्य रहता था कि हवाई हमले के दौरान दुश्मन देश के लडाकू विमानों को यह पता नहीं चलना चाहिए कि नीचे बसाहट है। रहवासी विजय यादव बताते थे कि इंदौर में 54 साल पहले जब ब्लैक आउट किया जाता था। तब हम स्कूल में पढ़ते थे। सायरन के आवाज आते ही पिताजी घर के भीतर आने को कहते थे। पूरे मोहल्ले में अंधेरा हो जाता था।
