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Indore: पांच जजों की बेंच ने की सुनवाई, ब्लैक लिस्टेड फर्म से जुड़े मामले की सुनवाई रही अधूरी

Tue, 19 Aug 2025 09:12 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अभिषेक चेंडके Updated Tue, 19 Aug 2025 09:12 PM IST
सार

सुनवाई के दौरान ठेकेदार के वकील ने पक्ष रखा कि कानूनन मध्यस्थता परिषद के पास इस बात का अधिकार नहीं है कि यदि किसी का ठेका गलत तरीके से निरस्त किया गया है और ब्लैक लिस्टेड किया गया है तो उसको परिषद सुन  सके। 

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Indore: A bench of five judges heard the case, hearing of the case related to the blacklisted firm remained in
हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इंदौर में पांच जजों की बेंच ने सुनवाई की। पांच घंटे तक ब्लैक लिस्टेड फर्मों से जुड़े केस पर जजों ने सभी पक्षों को सुना, लेकिन फैसला नहीं हो पाया। अब सुनवाई बुधवार को भी जारी रहेगी। नगर निगम के एक ठेकेदार ने ब्लैक लिस्टेड करने पर याचिका हाईकोर्ट में लगाई थी। पहली बार दो अलग-अलग केसों की एक ही दिन में पांच और तीन जजों की बेंच ने सुनवाई की थी।

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बेंच ने ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड मामले में सुनवाई की। इसके अलावा दूसरी बेंच ने वरिष्ठ नागरिकता अधिनियम में संतानों को अपील करने के अधिकार संबंधी मामले में सुनवाई हुई। एक सुनवाई में नगर निगम के ठेकेदार का पांच साल पहले टेंडर निरस्त कर दिया गया था और उसे ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया था। ठेकेदार ने इसके खिलाफ कोर्ट की शरण ली थी।

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सुनवाई के दौरान ठेकेदार के वकील ने पक्ष रखा कि कानूनन मध्यस्थता परिषद के पास इस बात का अधिकार नहीं है कि यदि किसी का ठेका गलत तरीके से निरस्त किया गया है और ब्लैक लिस्टेड किया गया है तो उसको परिषद सुन  सके। उसे सुनने का अधिकार मध्यस्थता परिषद के पास नहीं है।
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तीन जजों की बेंच ने पहले आदेश दिए थे कि यदि किसी कंपनी को ब्लैक लिस्टेड किया जाता है उसकी हानि की गणना रुपयों में करते हुए मध्यस्थता न्यायाधिकरण में केस दायर किया जाता है। कोर्ट को बताया गया कि यह फैसला लिया गया था, वह टोल टैक्स से जुड़ी फर्म है। सिविल का काम करने वाली फर्म में वित्तिय आंकलन संभव नहीं है। इस मामले में बहस अधूरी रही, जो बुधवार को भी जारी रहेगी।

 

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