प्रमुख कॉलोनियों के आसपास बनी अवैध बस्तियां
शहर में प्रमुख कॉलोनियों के आसपास कई अवैध बस्तियां बनी हुई हैं। बंगाली चौराहे और मूसाखेड़ी के आसपास मयूर नगर, गोयल नगर, पुलिस लाइन जैसे क्षेत्र हैं तो वहीं शिव नगर, भील कॉलोनी जैसी सालों पुरानी बस्तियां भी हैं। इसी तह विजय नगर में स्कीम 136, 140 और 78 के आसपास लोहा मंडी, लसूड़िया जैसी पुरानी बस्तियां हैं। प्रमुख कॉलोनियों की नर्मदा लाइन इन बस्तियों के आसपास से ही जाती है और बस्तियों में सैकड़ों की संख्या में होने वाले अवैध नल कनेक्शन इनके पानी को आधे से भी कम कर देते हैं। परिणाम यह होता है कि नर्मदा का बिल भरने वाले रहवासी क्षेत्रों में आधे से भी कम पानी मिलता है और वे टैंकरों और बोरिंग के भरोसे हो जाते हैं।
कोई ट्रैकिंग सिस्टम नहीं
नगर निगम की टीम प्रमुख रहवासी क्षेत्रों में नर्मदा के बिल के लिए शुल्क वसूलती है और समय समय पर इसका सर्वे भी होता है। जो बिल नहीं भरता उस पर पेनल्टी भी लगाई जाती है और पूरा बिल पेनल्टी के साथ वसूला जाता है। अवैध बस्तियों में नगर निगम की टीम का न तो कोई ट्रैकिंग सिस्टम है न ही वहां पर सर्वे के कार्य होते हैं। सैकड़ों घरों में एक से दो कनेक्शन हैं और मोटरें लगाकर बस्तियों में लोग लगातार पानी खींचते रहते हैं। अधिकतर घरों के दस्तावेज न होने और नगर निगम में मकान नंबर आदि रजिस्टर न होने की वजह से इन पर कार्रवाई भी नहीं हो पाती है।
रहवासी जानकारी दें, हम तुरंत परेशानी दूर करेंगे
गर्मी आते ही शहर में पानी की पानी की सप्लाई पर हमारा पूरा ध्यान है। किसी भी क्षेत्र में लोगों को परेशानी नहीं होगी। टैंकरों से भी सप्लाई लगातार की जा रही है। अगर किसी भी क्षेत्र में पानी की समस्या आ रही है तो वहां के रहवासी जोन पर या नगर निगम में आकर अपनी परेशानी बता सकते हैं। हम तुरंत वहां पर पानी की सप्लाई करेंगे।
- शिवम वर्मा, निगमायुक्त
