देवास का शराब कांड: इंदौर से केमिकल खरीद कर बनाई थी जहरीली शराब, लाइसेंसी ठेकों से बेची
देवास के चंदाना और बिंजाना गांव में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। जांच में इंदौर के दो गोदामों से केमिकल मंगाए जाने की बात सामने आई है। आरोपियों ने इसी केमिकल से नकली शराब तैयार कर 6 से 11 अक्टूबर के बीच बेची थी।
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देवास में हुए शराबकांड की जांच पुलिस ने तेज कर दी है। इस मामले के तार इंदौर से भी जुड़े हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने नकली शराब तैयार कर अक्टूबर के पहले सप्ताह में बेची थी। अब पुलिस इंदौर के उन दोनों गोदामों को सील करने की तैयारी कर रही है, जहां से केमिकल मंगाया गया था।शराब दुकान पर काम करने वाले आरोपियों ने इंदौर के महावीर मार्केट स्थित लोहामंडी के गोदाम से केमिकल मंगाया था। इसके लिए दवा बाजार स्थित गोदाम से बुकिंग कराई गई थी।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी अजय राठौर ने नकली शराब बनाकर बेचने की योजना बनाई थी। उसने इसमें अन्य कर्मचारियों को भी शामिल किया। आरोपियों ने इंदौर से केमिकल खरीदने के बाद देवास के पूर्वाड़ादाई गांव में अजय राठौर के मकान और लौहार पिपल्या में उसके साथी गोविंद के मकान पर पानी मिलाकर नकली शराब तैयार की थी। शराब को लाइसेंसी शराब जैसा दिखाने के लिए बोतलों की भी व्यवस्था की गई थी।
इसके बाद आरोपियों ने क्षिप्रा और भाड़ा पिपल्या स्थित वाइन शॉप से लाइसेंसी शराब की पेटियां अवैध तरीके से चंदाना और बिंजाना क्षेत्र में बिकवाईं। पुलिस के अनुसार, इन पेटियों में केमिकल से तैयार नकली शराब की कुछ बोतलें भी मिला दी जाती थीं। आरोपियों ने 6 से 11 अक्टूबर के बीच यह शराब बेची थी।
पुलिस ने आरोपियों के दोनों मकानों की तलाशी ली है। इसके अलावा देवास पुलिस इंदौर पहुंची है और केमिकल से जुड़े दोनों गोदामों को सील करने की तैयारी कर रही है।उल्लेखनीय है कि देवास के चंदाना और बिंजाना गांव में 20 दिनों के भीतर 10 लोगों की मौत हो गई। प्रभावित परिवारों ने गांव में जहरीली शराब बेचे जाने का आरोप लगाया था। इसके बाद आबकारी विभाग सक्रिय हुआ और मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
