फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Damoh News ›   Two rivers and ponds providing respite for tigers and other animals in Nauradehi.

Damoh News: नौरादेही में दो नदियां और तालाब के आसपास दिख रहे हैं बाघ व जानवर, पर्यटकों का बने आकर्षण

Fri, 31 May 2024 06:00 PM IST
Damoh bureau दमोह ब्यूरो
Updated Fri, 31 May 2024 06:00 PM IST
सार

दमोह के नौरादेही अभयारण्य में भीषण गर्मी से जंगली जानवरों को दो नदियों और जलाशयों से राहत मिल रही है। 

विज्ञापन
Two rivers and ponds providing respite for tigers and other animals in Nauradehi.
तालाब में पत्थर पर बैठा मगरमच्छ

विस्तार

इस भीषण गर्मी में इंसानों के साथ जंगली जानवर भी काफी परेशान हैं। वहीं प्रदेश के सबसे बड़े नौरादेही अभयारण्य में यहां से निकली दो नदियां बाघों और अन्य जंगली जानवरों को राहत दे रही है। नदियों के अलावा यहां एक बड़ा तालाब भी है, जहां जानवर अधिकांश समय रहकर गर्मियों से राहत पाते हैं।

विज्ञापन


नौरादेही वर्तमान में रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व का हिस्सा है। हालांकि, अभी यहां टाइगर रिजर्व के नियम लागू नही हैं। जानवरों की भरमार होती जा रही है। इस वजह से दूरृदराज से आने वाले सैलानी कम खर्च में वही आनंद उठाते हैं जो उन्हें बड़े पार्क या टाइगर रिजर्व मे मिलते हैं। नौरादेही अभयारण्य में बाघों के अलावा सांभर, भालू, भेड़िया, चीतल, बंदर, नीलगाय, तेंदुआ के आलावा कई तरह के जानवर हैं जो सैलानियों को आसानी से भ्रमण के दौरान दिख जाते हैं। सैकड़ों प्रजाति के पक्षी हैं, जिनकी चहल-पहल से यह अभयारण्य गुलजार होता है। कभी बाघों की दहाड तो कभी पक्षियों की आवाज अलग ही अनुभूति प्रदान करता रहता है।
विज्ञापन


बारह महीने रहता है पानी
नौरादेही से निकलने वाली नदियों में बारह महीने पानी रहता है। गर्मियों के दिनों में तालाब और नदियों के अलग, अलग ठिकानों पर जानवरों का बसेरा बना हुआ है। नोरादेही अभ्यारण से व्यारमा और बामनदेही नदी निकली है। इसके अलावा एक छेवला तालाब है जो यहां रहने बाले जानवरों के लिए पानी की पूर्ति करता है। व्यारमा और बमनदेही नदी नोरादेही के जंगलों से ही निकलने वाली नदियां हैं। गर्मियों में बाघ हो या चीतल सभी का ठिकाना, यह नदियां और उनके किनारे हैं। छेबला तालाब पर शाकाहारी जानवर और मगरमच्छ का रहवास बना हुआ है, जो शाम के समय तालाब के पत्थरो पर आकर बैठे दिखाई देते है। बाघ-बाघिन भी इन्ही नदियों के पास अपना बसेरा बनाए हुए हैं। कुछ समय पहले बमनदेही नदियों के पास बाघों का वीडियो भी सामने आया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


पर्यटकों को आकर्षित करती है नदियां
वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर अब्दुल अंसारी ने बताया कि नौरादेही मे छेवला जलाशय और जगरासी तालाब के अलावा व्यारमा और बामनेर नदियों में सालभर पानी रहता है जो पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण बनी हुई हैं। निश्चित तौर पर लोगों में उत्साह रहता है कि हम टाइगर रिजर्व घूमने जा रहे हैं। नौरादेही प्रबंधन और पर्यटकों दोनों में उत्साह है। सड़कों की मरम्मत करा ली है जो सफारी के लिए जिप्सी रजिस्टर्ड हैं, वह पूरी क्षमता के साथ चल रही हैं। धीरे-धीरे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इस बार पर्यटकों को बढ़ावा देने के लिए घूमने की फीस कम कर दी गई है। हमारी कोशिश है कि यहां पर्यटन बढे़ और पर्यटन बढ़ने से इस इलाके का विकास होगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed