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Damoh: बंदरकोला जलाशय की पाल की मिट्टी धसने से हड़कंप, मौके पर पहुंचे अधिकारी रेत की बोरियों से गड्ढा किया बंद
Tue, 17 Sep 2024 04:09 PM IST
दमोह ब्यूरो
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दमोह ब्यूरो
Updated Tue, 17 Sep 2024 04:09 PM IST
सार
ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बारिश में इस जगह हमेशा मिट्टी धंस जाती है और गड्ढा हो जाता है। ग्रामीण चाहते हैं कि तालाब की समस्या का स्थाई समाधान किया जाए। जलाशय के निर्माण काल से तकनीकी मिस्टेक के चलते यह समस्या बनी हुई है।
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रेत की बोरियां डालते कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दमोह जिले के जबेरा ब्लॉक में आने वाले बंदरकोला जलाशय की पाल की मिट्टी लगातार हुई बारिश के कारण धंस गई और एक बहुत बड़ा गड्ढा हो गया। मंगलवार दोपहर कुछ लोगों ने देखा कि तालाब की पाल की मिट्टी धंस गई है और ऐसे में तालाब भी फूट सकता है, जिसके बाद ग्रामीण दहशत में आ गए।
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स्थानीय युवाओं ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाली, तब इस बात की जानकारी कलेक्टर सुधीर कोचर को हुई। कलेक्टर के निर्देश पर जबेरा तहसीलदार विवेक व्यास जल संसाधन विभाग के एसडीओ राहुल जैन उपयंत्री मनजीत अहिरवार मौके पहुंचे। उसके बाद जलाशय की पाल के गड्ढे को रेत की बोरियों से भरा। अधिकारियों का कहना है कि गड्ढे में बोरियां भर दी गई हैं। तालाब को कहीं से भी कोई नुकसान होने की संभावना नहीं है। गड्डा होने की खबर सुनते ही गांव के लोगों में भी कुछ दहशत हो गई थी।
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ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बारिश में इस जगह हमेशा मिट्टी धंस जाती है और गड्ढा हो जाता है और हर साल इसमें रेत की बोरियां भर दी जाती है। ग्रामीण चाहते हैं कि तालाब की समस्या का स्थाई समाधान किया जाए जो अधिकारियों द्वारा इतने सालों में नहीं किया गया है।
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बता दें, करीब 70 साल पुराने बंदरकोला जलाशय के निर्माण के समय से तकनीकी त्रुटि के चलते यह समस्या बनी हुई है। जल संसाधन विभाग के उपयंत्री आरके वर्मा का कहना है, खतरे जैसी कोई बात नहीं है।
