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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Damoh News ›   Damoh In the new delimitation, Hata district can be formed by merging Banda and Bada Malhara

Damoh News: नए परिसीमन में बंडा और बड़ा मलहरा को मिलाकर हटा बन सकता है जिला, विधायक ने लिखा है पत्र

Sun, 22 Sep 2024 12:54 PM IST
दमोह ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह Published by: दमोह ब्यूरो Updated Sun, 22 Sep 2024 12:54 PM IST
सार

दमोह जिले के पड़ोसी जिले सागर में 8 विधानसभा और छतरपुर में 6 विधानसभा सीटें हैं। ऐसे में अब पन्ना में 3 विधानसभा और दमोह जिले में 4 विधानसभा सीटें हैं। पन्ना और दमोह जिले में सीटों की संख्या कम है। पन्ना जिले का सिमरिया और मोहन्द्रा हटा से जुड़ा है। इन दोनों स्थानों की दूरी जिला मुख्यालय से 100 किमी से ज्यादा है।

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Damoh In the new delimitation, Hata district can be formed by merging Banda and Bada Malhara
दमोह कलेक्ट्रेट कार्यालय

विस्तार

दमोह जिले में शामिल हटा विधानसभा नए जिले के रूप में उभर कर सामने आ सकती है। शासन के परिसीमन कराने के निर्णय के बाद इसकी संभावना है। वर्तमान में हटा दमोह से 40 किमी, बंडा विधानसभा 80 किमी और बड़ामलहरा विधानसभा 70 किमी दूरी पर है। ऐसे में दो ही संभावना नजर आ रही हैं, या तो हटा पन्ना जिले का हिस्सा बनेगा, या फिर नए जिले के रूप में उभकर सामने आएगा।
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हटा विधायक उमा देवी खटीक ने मुख्यमंत्री को जो पत्र लिखा है। उसमें उल्लेख किया है कि हटा विधानसभा क्षेत्र में दो तहसील पटेरा और हटा हैं। दोनों की दूरी दमोह से 40 से 35 किमी की है। जबकि पड़ोसी जिला छतरपुर का बकस्वाहा और सागर का शाहगढ़
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ब्लाक वहां के मुख्यालय से 80 से 70 किमी दूरी पर हैं। इस तरह से चारों ब्लॉक दूरी पर हैं और जिला मुख्यालय से कटे हैं। इन्हें आपस में जोड़कर हटा को जिला बनाया जा सकता है। उन्होंने विधानसभा याचिका क्रमांक 539 में भी इसका उल्लेख किया है। इस मामले में राजस्व विभाग में कार्रवाई लंबित हैं।
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वर्तमान में दमोह जिले में दमोह, हटा, पथरिया और जबेरा विधानसभा हैं। जबेरा विधानसभा का तेंदूखेड़ा 65 किमी दूरी पर है। जबकि जबेरा 45 किमी दूरी पर। यह एरिया 100 किमी के दायरे के अंदर हैं। ऐसे में इनके दमोह जिले में शामिल बना रहना तय है। पथरिया विधानसभा जिला मुख्यालय से 25 किमी दूरी पर है। यह भी दमोह जिले का हिस्सा बनी रह सकती है, लेकिन हटा और पटेरा की दूरी जिला मुख्यालय से कम है, मगर यह पन्ना और छतरपुर जिले से जुड़े हैं। छतरपुर और पन्ना मुख्यालय की दूरी ज्यादा है। इसी तरह सागर जिले के बंडा से भी यह एरिया जुड़ा है। हटा से बड़ा मलहरा 70 किमी और बंडा 80 किमी दूरी है। इसलिए तीनों को जोड़कर हटा जिला बनाने की संभावना है। बता दें कि पिछले कई दशकों में हटा को जिला बनाने की मांग उठती रही है। सीमेंट फैक्टरी संचालित होने से यहां पर नई तरह की चुनौतियां और सीमा विवाद पनप रहे हैं। आधी फैक्टरी हटा ब्लॉक में और आधी पन्ना जिले में संचालित है। यहां के लोगों को मुख्यालयों तक पहुंचने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ता है।

सागर में 8 विधानसभा सीटें, छतरपुर में 6 हैं
दमोह जिले के पड़ोसी जिले सागर में 8 विधानसभा और छतरपुर में 6 विधानसभा सीटें हैं। ऐसे में अब पन्ना में 3 विधानसभा और दमोह जिले में 4 विधानसभा सीटें हैं। पन्ना और दमोह जिले में सीटों की संख्या कम है। पन्ना जिले का सिमरिया और मोहन्द्रा हटा से जुड़ा है। इन दोनों स्थानों की दूरी जिला मुख्यालय से 100 किमी से ज्यादा है। हटा विधायक उमा देवी का कहना है कि प्रशासनिक अमला तैयारी कर ले, उसके बाद इस पर चर्चा की जाएगी। हालांकि मप्र सरकार ने परिसीमन आयोग का गठन कर दिया है। इसमें रिटायर्ड एसीएस मनोज श्रीवास्तव को सदस्य बनाया गया है। इस आयोग के दो और सदस्य तय होने के बाद हर जिलों के प्रशासनिक अधिकारी और राजनैतिक प्रतिनिधियों से सुझाव मांगे जाएंगे। इसके बाद दावे आपत्तियों के बाद नए सिरे से जिले की सीमाएं तय हो पाएंगी।


1982 में परिसीमन हुआ था
परिसीमन को लेकर दमोह कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर का कहना है कि अभी आयोग के अध्यक्ष की घोषणा हुई है। इससे पहले 1982 में परिसीमन हुआ था। उसमें नए जिले बनाने से पहले कई तरह के लॉजिक लगाए गए थे। केवल जिला मुख्यालय से दूरी ही एक मात्र कारण नया जिला बनाना नहीं है। इसमें कई तरह के अध्ययन किए जाते हैं। जनसंख्या, संपदा, संसाधन और भविष्य की संभावनाएं देखी जाती हैं। हटा विधायक का पत्र उन्हें नहीं मिला है। सोशल मीडिया पर देखा था। इस मामले में अभी कोई नई जानकारी नहीं मिली है। जैसे निर्देश मिलेंगे उसी हिसाब से पूरी प्रक्रिया को किया जाएगा। इधर पथरिया विधायक और पशुपालन मंत्री लखन पटेल का कहना है कि उन्होंने अभी कोई आपत्ति नहीं ली है। शासन का जो निर्णय होगा। उसी प्रकार से आगे की प्रक्रिया बढ़ेगी।
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