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Damoh News: पहली से पांचवीं क्लास तक के बच्चों को पढ़ाने एक शिक्षक, कैसे होगा पढ़ाई
Wed, 02 Oct 2024 02:30 PM IST
दमोह ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दमोह ब्यूरो
Updated Wed, 02 Oct 2024 02:30 PM IST
सार
दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक के उत्कृष्ट विद्यालय संकुल अंतर्गत बैलढाना रैयत के शंकर नगर प्राथमिक स्कूल शिक्षकों की कमी से जूझ रहा है। यहां कक्षा एक से पांच तक के बच्चों को पढ़ाने के लिए केवल एक ही शिक्षक नियुक्त है।
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प्राथमिक स्कूल शंकर नगर
विस्तार
सरकारी स्कूलों का शिक्षा स्तर सुधारने के लिए सरकार द्वारा कई नवाचार और योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन जब बच्चों को पढ़ाने के लिए पर्याप्त शिक्षक ही नहीं होंगे, तो बच्चों का भविष्य कैसे संवरेगा? यह मामला दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक के उत्कृष्ट विद्यालय संकुल अंतर्गत बैलढाना रैयत के शंकर नगर प्राथमिक स्कूल से सामने आया है। यहां कक्षा एक से पांच तक के बच्चों को पढ़ाने के लिए केवल एक ही शिक्षक नियुक्त है।
पूर्व में यहां तीन नियमित शिक्षक थे और वर्तमान में स्कूल की छात्र संख्या 60 है। स्कूल में पदस्थ एकमात्र शिक्षक लगातार अधिकारियों से एक अन्य शिक्षक की मांग कर रहा है, लेकिन उसकी मांग को अनदेखा किया जा रहा है। क्योंकि जिन अधिकारियों को यहां शिक्षक पदस्थ करना है, वही यहां की व्यवस्थाएं बिगाड़ रहे हैं। इसलिए सब कुछ जानकर भी अनजान बने हुए हैं।
स्थिति यह है
शंकर नगर, ग्राम बैलढाना का एक छोटा सा मोहल्ला है। यहां एक शासकीय प्राथमिक स्कूल है। पिछले वर्ष तक यहां तीन शिक्षक नियमित रूप से पदस्थ थे, जो आज भी पोर्टल पर दर्ज हैं। पहले यहां की एक शिक्षिका को दूसरी जगह अटैच कर दिया गया, उसके बाद यहां दो शिक्षक बचे थे। जनशिक्षक के रिटायरमेंट के बाद एक और शिक्षक ने जनशिक्षक के लिए आवेदन किया और वे जनशिक्षक बन गए। अब यहां पोर्टल पर तीन शिक्षकों की पदस्थापना दिख रही है, लेकिन हकीकत में केवल एक शिक्षक ही मौजूद है। यदि किसी शासकीय कार्य या व्यक्तिगत कार्य से शिक्षक को कहीं जाना पड़ता है, तो स्कूल बंद करना पड़ता है।
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अतिथि भी नहीं हो सकते नियुक्त
शंकर नगर प्राथमिक स्कूल को अधिकारी इसलिए अनदेखा कर रहे हैं क्योंकि यहां की व्यवस्था बिगाड़ने में वही जिम्मेदार हैं। 60 बच्चे वर्तमान में यहां दर्ज हैं, लेकिन एक शिक्षक ही स्कूल में पदस्थ है। पोर्टल पर आज भी यहां तीन शिक्षक पदस्थ दिखाए जा रहे हैं, इसलिए अतिथि शिक्षक की नियुक्ति नहीं हो पा रही है। स्कूल में पदस्थ शिक्षक भागीरथ केवट ने बताया कि कुछ महीने पहले तक यहां दो और शिक्षक पदस्थ थे। एक जनशिक्षक बन गए और एक मैडम को अन्य स्कूल में अटैच कर दिया गया।
ग्रामीणों और अधिकारियों का कहना
शंकर नगर के कुछ ग्रामीण तीन दिन पहले झरौली में नशामुक्त समाज की बैठक में पहुंचे थे, जहां तेंदूखेड़ा टीआई और मीडियाकर्मी भी मौजूद थे। बातचीत के दौरान उन्होंने शंकर नगर में संचालित शासकीय स्कूल की बिगड़ी हुई व्यवस्था की जानकारी दी थी।
तेंदूखेड़ा बीआरसी पीएल अहिरवार का कहना है कि शंकर नगर में दो शिक्षक और एक शिक्षिका पदस्थ थीं। एक शिक्षक जनशिक्षक का कार्य देख रहे हैं, जबकि जो शिक्षिका थीं, उन्हें तेंदूखेड़ा बीईओ ने रामदेही में अटैच कर दिया है। तेंदूखेड़ा बीईओ नितेश पांडे का कहना है कि शिक्षिका के अटैचमेंट के लिए जिला शिक्षा अधिकारी से अनुमोदन आया था। उसके बाद उन्हें रामदेही में अटैच किया गया। उस समय स्कूल में दो शिक्षक मौजूद थे, बाद में एक शिक्षक जनशिक्षक बन गए।
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पूर्व में यहां तीन नियमित शिक्षक थे और वर्तमान में स्कूल की छात्र संख्या 60 है। स्कूल में पदस्थ एकमात्र शिक्षक लगातार अधिकारियों से एक अन्य शिक्षक की मांग कर रहा है, लेकिन उसकी मांग को अनदेखा किया जा रहा है। क्योंकि जिन अधिकारियों को यहां शिक्षक पदस्थ करना है, वही यहां की व्यवस्थाएं बिगाड़ रहे हैं। इसलिए सब कुछ जानकर भी अनजान बने हुए हैं।
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स्थिति यह है
शंकर नगर, ग्राम बैलढाना का एक छोटा सा मोहल्ला है। यहां एक शासकीय प्राथमिक स्कूल है। पिछले वर्ष तक यहां तीन शिक्षक नियमित रूप से पदस्थ थे, जो आज भी पोर्टल पर दर्ज हैं। पहले यहां की एक शिक्षिका को दूसरी जगह अटैच कर दिया गया, उसके बाद यहां दो शिक्षक बचे थे। जनशिक्षक के रिटायरमेंट के बाद एक और शिक्षक ने जनशिक्षक के लिए आवेदन किया और वे जनशिक्षक बन गए। अब यहां पोर्टल पर तीन शिक्षकों की पदस्थापना दिख रही है, लेकिन हकीकत में केवल एक शिक्षक ही मौजूद है। यदि किसी शासकीय कार्य या व्यक्तिगत कार्य से शिक्षक को कहीं जाना पड़ता है, तो स्कूल बंद करना पड़ता है।
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अतिथि भी नहीं हो सकते नियुक्त
शंकर नगर प्राथमिक स्कूल को अधिकारी इसलिए अनदेखा कर रहे हैं क्योंकि यहां की व्यवस्था बिगाड़ने में वही जिम्मेदार हैं। 60 बच्चे वर्तमान में यहां दर्ज हैं, लेकिन एक शिक्षक ही स्कूल में पदस्थ है। पोर्टल पर आज भी यहां तीन शिक्षक पदस्थ दिखाए जा रहे हैं, इसलिए अतिथि शिक्षक की नियुक्ति नहीं हो पा रही है। स्कूल में पदस्थ शिक्षक भागीरथ केवट ने बताया कि कुछ महीने पहले तक यहां दो और शिक्षक पदस्थ थे। एक जनशिक्षक बन गए और एक मैडम को अन्य स्कूल में अटैच कर दिया गया।
ग्रामीणों और अधिकारियों का कहना
शंकर नगर के कुछ ग्रामीण तीन दिन पहले झरौली में नशामुक्त समाज की बैठक में पहुंचे थे, जहां तेंदूखेड़ा टीआई और मीडियाकर्मी भी मौजूद थे। बातचीत के दौरान उन्होंने शंकर नगर में संचालित शासकीय स्कूल की बिगड़ी हुई व्यवस्था की जानकारी दी थी।
तेंदूखेड़ा बीआरसी पीएल अहिरवार का कहना है कि शंकर नगर में दो शिक्षक और एक शिक्षिका पदस्थ थीं। एक शिक्षक जनशिक्षक का कार्य देख रहे हैं, जबकि जो शिक्षिका थीं, उन्हें तेंदूखेड़ा बीईओ ने रामदेही में अटैच कर दिया है। तेंदूखेड़ा बीईओ नितेश पांडे का कहना है कि शिक्षिका के अटैचमेंट के लिए जिला शिक्षा अधिकारी से अनुमोदन आया था। उसके बाद उन्हें रामदेही में अटैच किया गया। उस समय स्कूल में दो शिक्षक मौजूद थे, बाद में एक शिक्षक जनशिक्षक बन गए।
