फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Damoh News ›   Administration alerted in Damoh after Guna bus accident

MP News: गुना बस हादसे के बाद दमोह में प्रशासन हुआ अलर्ट, सागर रोड पर की गई बसों की चेकिंग

Sat, 30 Dec 2023 04:06 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह Published by: शबाहत हुसैन Updated Sat, 30 Dec 2023 04:06 PM IST
सार

MP News: गुना में हुए बस हादसे के बाद दमोह में शासन हरकत में आया है और जिला परिवहन अधिकारी ने सागर रोड पर चेकिंग लगा दी। बड़ा सवाल यह है कि दमोह जिले में भी कंडम बसें सड़क पर दौड़ रही है और परिवहन कार्यालय के सामने से भी गुजरती है, लेकिन उन पर आज तक कार्रवाई नहीं की गई है। 
 

विज्ञापन
Administration alerted in Damoh after Guna bus accident
गुना बस हादसे के बाद दमोह में प्रशासन हुआ अलर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चेकिंग के दौरान नियम विरूद्ध तरीके से चल रहीं 9 बसों पर 18 हजार रुपये की चालानी कार्रवाई कर हिदायत दी गई। इधर, एसपी के निर्देश पर बटियागढ़ पुलिस द्वारा नीमन तिराहा पर बसों के फिटनेस व दस्तावेजों की जांच की गई। ड्राइवर का वर्दी में न होना, दस्तावेज की कमी, नंबर प्लेट सही न होना, ओवरलोडिंग कमियां पाए जाने पर 4500 रुपये की चालानी कार्रवाई की गई।

विज्ञापन


सड़क पर फर्राटा भर रही कंडम बसें
जिले की सड़कों पर कंडम बसें दौड़ रही हैं। इनमें बैठकर यात्री अपनी जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे हैं। ग्रामीण रूट पर चलने वाली बसों की स्थिति काफी खराब है। किसी बस में खिड़कियां व सीट टूटी हुई हैं तो किसी में आपातकालीन दरवाजा पर सामान रखा जा रहा है। अनेक बसों में फॉग लाइटें नहीं लग सकी हैं। रात में बस चलाते समय चालकों की परेशानी बढ़ जाती है। धुंध व कोहरे के कारण चालक को दूर तक देखने में दिक्कत होती है, ऐसे में किसी भी समय दुर्घटना हो सकती है।
विज्ञापन


सैकड़ों बसों का होता है संचालन
दमोह से बनवार, पटेरा, हटा, तेंदूखेड़ा, झलोन, बालाकोट, पथरिया, बटियागढ़ रूट पर जाने वाली बसों की हालत काफी खराब है। दमोह बस स्टैंड पर रोजाना 300 बसों का संचालन हो रहा है। इनमें 25 से अधिक बसें कंडम हालत में हैं। लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण कई खटारा व अनफिट बसें सड़कों पर दौड़ रही हैं। मनमर्जी से चल रही इन यात्री बसों में यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हमेशा सवाल उठते रहे हैं, लेकिन इनका समाधान नहीं हो पा रहा है। जिससे यात्री अपने आप को असुरक्षित महसूस करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन



यह है बसों के संचालन की गाइडलाइन
बसों के संचालन के लिए परिवहन विभाग द्वारा गाइडलाइन तय की गई है। जिसमें 15 साल पुरानी बस को नहीं चलाने, प्रत्येक बस में सीसीटीवी कैमरे, पेनिक बटन, इमरजेंसी गेट, अग्नि शमक यंत्र, किराया सूची, फिटनेस जांच, पिछले कांच से जाली हटाना, फस्ट एड बॉक्स, कांच पर परमिट, बीमा, रूट की जानकारी लिखना, बस के कर्मचारियों पर ड्रेस कोड लागू करना आदि मापदंड लागू करवाने के आदेश दिए गए हैं, ताकि यात्रियों को परेशानी न हो, लेकिन परिवहन विभाग के आदेश के बावजूद न तो बस में नियम लागू हुए और न ही परिवहन विभाग द्वारा कार्रवाई की जा रही है।


बस यूनियन सचिव बोले हादसा होने के बाद ही होती है चेकिंग 
बस यूनियन सचिव शमीम कुरैशी का कहना है कि जब भी कोई हादसा होता है तो चेकिंग शुरू हो जाती है। भले ही बीमा, फिटनेस सब कुछ सही हो, लेकिन हजार रुपए का जुर्माना तो देना ही पड़ेगा। विभाग को पहले ही ऑनलाइन पता होता है कि किस बस का फिटनेस व बीमा नहीं है। लेकिन अधिकारी उन पर कार्रवाई नहीं करते। समय पर दस्तावेज व टैक्स जमा करने के बाद समय पर टीपी परमिट भी नहीं दिया जाता। कार्रवाई को लेकर आरटीओ क्षितिज सोनी का कहना है कि परिवहन विभाग द्वारा बसों के संचालन को लेकर जो गाइडलाइन तय की गई है, उसी के अनुसार संचालन होना चाहिए। चेकिंग शुरू हो गई है जो भी नियम विरूद्ध बसें पाई जाएंगी उन पर कार्रवाई होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed