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विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा दांव: छत्तीसगढ़ में नशामुक्ति के लिए चलेगा जनजागरण अभियान, CM भूपेश ने दिए निर्देश
Thu, 15 Jun 2023 12:06 PM IST
ललित कुमार सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
Published by: ललित कुमार सिंह
Updated Thu, 15 Jun 2023 12:06 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 से पहले भूपेश सरकार ने एक बार फिर बड़ा दांव खेला है। प्रदेश में शराबबंदी की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सीएम भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ में नशामुक्ति के लिए व्यापक जन-जागरण अभियान शुरू करने के दिए निर्देश दिए हैं।
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भूपेश बघेल, सीएम, छत्तीसगढ़
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 से पहले भूपेश सरकार ने एक बार फिर बड़ा दांव खेला है। प्रदेश में शराबबंदी की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सीएम भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ में नशामुक्ति के लिए व्यापक जन-जागरण अभियान शुरू करने के दिए निर्देश दिए हैं। इस संबंध में मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं।
आदेश में कहा गया है कि समाज कल्याण विभाग एक महीने के भीतर नशामुक्ति जन-जागरण अभियान को लेकर कार्ययोजना की ब्लू प्रिंट तैयारी करे। अभियान को लेकर नशामुक्ति के क्षेत्र में कार्य कर रहे फेमस व्यक्तियों और संस्थाओं से परामर्श लिया जाए। इसके साथ ही
एनजीओ, सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक संस्थाओं का भी सहयोग लिया जाए। विद्यार्थियों में जन जागरूकता के लिए शैक्षणिक संस्थाओं में सेमीनार आयोजित कराए जाए। ताकि छात्रों के साथ ही युवा पीढ़ि को भी जागरूक किया जा सके।
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मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को जारी निर्देश में कहा कि नशा एक ऐसी गंभीर सामाजिक बुराई है, जिससे मनुष्य का अनमोल जीवन गंभीर बीमारियों से ग्रस्त हो जाता है। वह अकाल मृत्यु का शिकार हो जाता है। नशे के लिए लोग गांजा, भांग, जर्दा गुड़ाखू, तंबाकू, शराब, गुटखा, धूम्रपान, चरस, अफीम, स्मैक, कोकीन और ब्राउन शुगर जैसे मादक पदार्थों का सेवन करते हैं। छत्तीसगढ़ पुलिस इसे लेकर लगातार कार्रवाई कर रही है। छत्तीसगढ़ सरकार भी इसे रोकने का प्रयास कर रही है, लेकिन जब तक हम इस अभियान को जनमानस से नहीं जोड़ेंगे और जन-जन तक नहीं पहुंचायेंगे, तब तक यह अभियान सफल नहीं हो सकता। युवा पीढ़ी में नशे की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ना अत्यधिक चिंताजनक विषय है।
निर्देश में आगे कहा है कि समाज को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने, युवा पीढ़ी को बर्बादी से बचाने तथा उनकी संपूर्ण ऊर्जा का राष्ट्र निर्माण में उपयोग करने के लिए जरूरी है कि नशा मुक्ति के लिए बड़ा जन-जागरण अभियान शुरू किया जाए। उच्चतर माध्यमिक शालाओं, महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों के छात्रों में जागरूकता के लिए सेमीनार आयोजन किए जाए। शासकीय प्रयासों के साथ ही एनजीओ सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक संस्थाओं से भी सहयोग लिया जाए।
बीजेपी को बड़ा झटका
भूपेश सरकार के इस प्रयास से बीजेपी के लिए एक बड़ा झटका भी माना जा रहा है। क्योंकि बीजेपी प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के साथ ही लगातार शराबबंदी की मांग को लेकर आवाज बुलंद करती रही है। लगातार राज्य सरकार को घेरती रही है। विधानसभा चुनाव 2018 के दौरान कांग्रेस के घोषणा पत्र में शराबबंदी के वादे को लेकर भूपेश सरकार पर निशाना साधती रही है। बीजेपी राज्य सरकार को शराबबंदी करने के लिए कटघरे में खड़ा करती रही है। बता दें कि विधानसभा चुनाव 2018 के दौरान कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में प्रदेश में शराबबंदी करने का वादा किया था।
ऐसे होगा नशामुक्ति के लिए प्रयास
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आदेश में कहा गया है कि समाज कल्याण विभाग एक महीने के भीतर नशामुक्ति जन-जागरण अभियान को लेकर कार्ययोजना की ब्लू प्रिंट तैयारी करे। अभियान को लेकर नशामुक्ति के क्षेत्र में कार्य कर रहे फेमस व्यक्तियों और संस्थाओं से परामर्श लिया जाए। इसके साथ ही
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एनजीओ, सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक संस्थाओं का भी सहयोग लिया जाए। विद्यार्थियों में जन जागरूकता के लिए शैक्षणिक संस्थाओं में सेमीनार आयोजित कराए जाए। ताकि छात्रों के साथ ही युवा पीढ़ि को भी जागरूक किया जा सके।
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मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को जारी निर्देश में कहा कि नशा एक ऐसी गंभीर सामाजिक बुराई है, जिससे मनुष्य का अनमोल जीवन गंभीर बीमारियों से ग्रस्त हो जाता है। वह अकाल मृत्यु का शिकार हो जाता है। नशे के लिए लोग गांजा, भांग, जर्दा गुड़ाखू, तंबाकू, शराब, गुटखा, धूम्रपान, चरस, अफीम, स्मैक, कोकीन और ब्राउन शुगर जैसे मादक पदार्थों का सेवन करते हैं। छत्तीसगढ़ पुलिस इसे लेकर लगातार कार्रवाई कर रही है। छत्तीसगढ़ सरकार भी इसे रोकने का प्रयास कर रही है, लेकिन जब तक हम इस अभियान को जनमानस से नहीं जोड़ेंगे और जन-जन तक नहीं पहुंचायेंगे, तब तक यह अभियान सफल नहीं हो सकता। युवा पीढ़ी में नशे की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ना अत्यधिक चिंताजनक विषय है।
निर्देश में आगे कहा है कि समाज को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने, युवा पीढ़ी को बर्बादी से बचाने तथा उनकी संपूर्ण ऊर्जा का राष्ट्र निर्माण में उपयोग करने के लिए जरूरी है कि नशा मुक्ति के लिए बड़ा जन-जागरण अभियान शुरू किया जाए। उच्चतर माध्यमिक शालाओं, महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों के छात्रों में जागरूकता के लिए सेमीनार आयोजन किए जाए। शासकीय प्रयासों के साथ ही एनजीओ सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक संस्थाओं से भी सहयोग लिया जाए।
बीजेपी को बड़ा झटका
भूपेश सरकार के इस प्रयास से बीजेपी के लिए एक बड़ा झटका भी माना जा रहा है। क्योंकि बीजेपी प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के साथ ही लगातार शराबबंदी की मांग को लेकर आवाज बुलंद करती रही है। लगातार राज्य सरकार को घेरती रही है। विधानसभा चुनाव 2018 के दौरान कांग्रेस के घोषणा पत्र में शराबबंदी के वादे को लेकर भूपेश सरकार पर निशाना साधती रही है। बीजेपी राज्य सरकार को शराबबंदी करने के लिए कटघरे में खड़ा करती रही है। बता दें कि विधानसभा चुनाव 2018 के दौरान कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में प्रदेश में शराबबंदी करने का वादा किया था।
ऐसे होगा नशामुक्ति के लिए प्रयास
- समाज कल्याण विभाग एक महीने के भीतर नशामुक्ति जन-जागरण अभियान को लेकर कार्ययोजना की ब्लू प्रिंट तैयारी करेगा।
- नशामुक्ति के क्षेत्र में कार्य कर रहे फेमस व्यक्तियों और संस्थाओं से परामर्श लिया जाए।
- एनजीओ, सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा।
- छात्रों में जन जागरूकता के लिए शैक्षणिक संस्थाओं में सेमिनार होंगे।
- छात्रों के साथ ही युवा पीढ़ी को जागरूक किया जाएगा।