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MP News: हंसने पर फंसा अधिकारी, नौकरी पर आ गई बात, छतरपुर अपर कलेक्टर ने नोटिस थमाकर पूछा कारण; जानें मामला
Sun, 17 Nov 2024 03:11 PM IST
उदित दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
Published by: उदित दीक्षित
Updated Sun, 17 Nov 2024 03:11 PM IST
सार
छतरपुर जिला पंचायत कार्यालय में चल ही जनसुनवाई में नोडल अधिकारी हंसना महंगा पड़ गया। अपर कलेक्टर मिलिंद नागदवे ने हंसने के कारण नोडल अधिकारी को नोटिस जारी किया है।
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हंसने पर अधिकारी को नोटिस जारी।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां, छतरपुर जिले में एक अधिकारी को हंसने पर नोटिस थमा दिया गया है। छतरपुर में अपर कलेक्टर ने अधिकारी को नोटिस जारी कर उससे हंसने का कारण पूछा है। अपर कलेक्टर की ओर से जारी नोटिस अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
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जानकारी के अनुसार छतरपुर जिला पंचायत कार्यालय में जनसुनवाई हो चल रही थी। जिसमें जिले के कई अधिकारी शामिल हुए थे। इस दौरान नोडल अधिकारी केके तिवारी को किसी बात पर हंसी आ गई और वे हंस पड़े। यह बात अपर कलेक्टर मिलिंद नागदवे को पसंद नहीं आई। उन्होंने जनसुनवाई के बाद नोडल अधिकारी (ई-गवर्नेंस) केके तिवारी को नोटिस जारी कर दिया। नोटिस में अपर कलेक्टर ने लिखा कि जनसुनवाई के दौरान आपका हंसना अनुशासनहीनता है। इस अनुशासनहीनता का कारण बताएं, नहीं तो आपके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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एम्बुलेंस न मिलने पर कलेक्टर की कार्रवाई
वहीं, दूसरी ओर एक और मामला सामने आया है, जहां एक आदिवासी युवती के कॉल करने के छह घंटे बाद एम्बुलेंस पहुंची। इससे समय पर इलाज न मिलने के कारण प्रसूता की मौत हो गई। कलेक्टर पार्थ जयसवाल ने एसडीएम और सीएमएचओ की रिपोर्ट के आधार पर छतरपुर 108 जिला समन्वयक और असिस्टेंट मैनेजर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही, सेवा प्रदाता की लापरवाही के कारण दो एम्बुलेंस के अक्टूबर महीने का परिचालन व्यय में 4 लाख 66 हजार रुपये की कटौती की गई है।
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