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Chhatarpur: मेडिकल कॉलेज की सुविधाओं से लैस होगा क्रिटिकल केयर ब्लॉक, 35 करोड़ से बन रहे अस्पताल के दो विंग

Sat, 17 Jun 2023 05:59 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर Published by: अरविंद कुमार Updated Sat, 17 Jun 2023 05:59 PM IST
सार

छतरपुर जिला मुख्यालय में मेडिकल कॉलेज का कार्य भले ही कछुआ चाल से चल रहा हो, लेकिन जिला अस्पताल के लिए दो भवन स्वीकृत हुए हैं। एक भवन में गहन चिकित्सा इकाई और दूसरे में मेटरनिटी वार्ड संचालित होगा।

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Chhatarpur Critical care block will be equipped with medical college facilities
35 करोड़ से बन रहे अस्पताल के दो विंग - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

छतरपुर जिला अस्पताल में स्वीकृत हुए दो भवनों को बनाने में करीब 35 करोड़ रुपये का खर्च आने वाला है। राशि स्वीकृत हो गई है तथा धरातल पर काम भी शुरू हो गया है। इन भवनों में मेडिकल कॉलेज की सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास होगा।

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100 बिस्तर का क्रिटिकल केयर ब्लॉक बनाए जाने के बारे में बिल्डिंग डेवलपमेंट अथॉरिटी के महाप्रबंधक अच्छेलाल अहिरवार ने बताया, 24 करोड़ 42 लाख की लागत से भवन निर्माण होगा और इसके बाद करीब चार करोड़ की मशीनें ब्लॉक में लगाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि पांच मंजिला इस इमारत में सीरियस केस को इलाज दिया जाएगा। महत्वपूर्ण यह है कि आठ हजार स्क्वॉयर मीटर कवर्ड एरिया में बनने वाले क्रिटिकल केयर ब्लॉक में मेडिकल कॉलेज की सुविधा रहने की संभावनाएं हैं। यहां आकस्मिक सेवाएं भी उपलब्ध रहेंगी। पांच मंजिला इमारत में हर एक खंड में ऑपरेशन थिएटर की व्यवस्था की जाएगी। 18 से 20 बिस्तर की व्यवस्था हर मंजिल में की गई है।
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साढ़े सात करोड़ में निर्मित होगी मेटरनिटी विंग...
जिला अस्पताल के पुराने वार्डों को गिराकर मैदान किया गया है। यहां के लगभग तीन हजार स्क्वॉयर मीटर में मेटरनिटी विंग तैयार की जा रही है। लोक निर्माण विभाग की पीआईयू द्वारा साढ़े सात करोड़ की लागत से 100 बिस्तर का मेटरनिटी वार्ड तैयार होने से प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं को जमीन पर नहीं लेटना पड़ेगा।
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अक्सर देखने में आता है कि वर्तमान जिला अस्पताल भवन में मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण मेटरनिटी वार्ड भर जाता है और अंतत: महिलाओं को प्रसव के पूर्व और प्रसव के बाद जमीन पर लेटाकर इलाज देना पड़ता है। जिला अस्पताल के पुराने महिला वार्ड में अभी मेटरनिटी वार्ड चल रहा है, लेकिन 100 बिस्तर के नए मेटरनिटी विंग के बन जाने से महिलाएं लाभान्वित होंगी।

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