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Chhatarpur: पतंग उड़ा रहा नौ साल का बच्चा दो मंजिला इमारत से गिरने से घायल, दो दिन में छह बच्चों के साथ हादसा
Sun, 15 Jan 2023 09:38 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sun, 15 Jan 2023 09:38 PM IST
सार
छतरपुर में पतंग उड़ाने के दौरान 9 वर्षीय बालक छत से गिर गया है। गंभीर हालत में घायल होने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां बालक गिरा था, वहां बालू रेत पड़ी थी। अन्यथा दुखद घटना हो सकती थी।
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छतरपुर में छत से गिरने से बालक घायल हो गया।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मध्यप्रदेश में पतंग उड़ाने के दौरान छत से गिरने के कई मामले सामने आ चुके हैं। छतरपुर जिले में ही दो दिन में छह बच्चों के साथ ऐसा हादसा हो गया है। नौ साल का बच्चा दो मंजिला इमारत से गिरा है। वह गंभीर रूप से घायल हो गया है। अस्पताल में उसका उपचार जारी है।
जानकारी के अनुसार छतरपुर शहर में रहने वाला नौ वर्षीय बालक घनश्याम कुशवाहा कक्षा 9 का विद्यार्थी है। मकर संक्रांति के दिन अपने घर की दो मंजिल की छत से पतंग उड़ा रहा था। इसी दौरान पतंग उड़ाते-उड़ाते वह लगातार पीछे जाता रहा और उसे छत खत्म होने का पता नहीं चला। चूंकि छत बिना मुंडेर की थी। बालक करीब 25 फीट से नीचे आ गिरा। गनीमत ये थी कि जहां बच्चा गिरा, वहां बालू रेत पड़ी थी। इससे बच्चे की जान बच गई। हालांकि अब उसे जिला अस्पताल के ट्रॉमा वार्ड में भर्ती कराया गया है। उसके सिर-हाथ-पैर में गंभीर चोटें आई हैं।
दो दिन में छह बच्चे गिरे
बच्चे का इलाज कर रहे जिला अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर डॉ. अरुणेंद्र शुक्ला की मानें तो गत दो दिनों (आज और कल) में छत से गिरने वाले बच्चों के तकरीबन आधा दर्जन मामले आए हैं। इनकी मुख्य वजह बिना मुंडेर/पट्टी की छत से पतंग उड़ाना बताया जा रहा है। डॉक्टर की मानें तो लोगों को अपने घरों की छत बनवाने के बाद उनमें दीवार उठानी चाहिए। बच्चों का ध्यान रखना चाहिए ताकि इस तरह के हादसे न हो सकें।
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जानकारी के अनुसार छतरपुर शहर में रहने वाला नौ वर्षीय बालक घनश्याम कुशवाहा कक्षा 9 का विद्यार्थी है। मकर संक्रांति के दिन अपने घर की दो मंजिल की छत से पतंग उड़ा रहा था। इसी दौरान पतंग उड़ाते-उड़ाते वह लगातार पीछे जाता रहा और उसे छत खत्म होने का पता नहीं चला। चूंकि छत बिना मुंडेर की थी। बालक करीब 25 फीट से नीचे आ गिरा। गनीमत ये थी कि जहां बच्चा गिरा, वहां बालू रेत पड़ी थी। इससे बच्चे की जान बच गई। हालांकि अब उसे जिला अस्पताल के ट्रॉमा वार्ड में भर्ती कराया गया है। उसके सिर-हाथ-पैर में गंभीर चोटें आई हैं।
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दो दिन में छह बच्चे गिरे
बच्चे का इलाज कर रहे जिला अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर डॉ. अरुणेंद्र शुक्ला की मानें तो गत दो दिनों (आज और कल) में छत से गिरने वाले बच्चों के तकरीबन आधा दर्जन मामले आए हैं। इनकी मुख्य वजह बिना मुंडेर/पट्टी की छत से पतंग उड़ाना बताया जा रहा है। डॉक्टर की मानें तो लोगों को अपने घरों की छत बनवाने के बाद उनमें दीवार उठानी चाहिए। बच्चों का ध्यान रखना चाहिए ताकि इस तरह के हादसे न हो सकें।
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