स्नेहलता हत्याकांड: नर्सिंग ऑफिसर हत्या मामले में जब्त हुई कार से खुलेंगे राज, पचनदा में हुआ क्राइम रीक्रिएशन
नर्सिंग ऑफिसर स्नेहलता मिश्रा हत्याकांड में पुलिस ने आरोपी सत्यप्रकाश उर्फ बादशाह जाटव की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल कार जब्त की है। पुलिस पचनदा में क्राइम रीक्रिएशन कर चुकी है। कार की एफएसएल और फिंगरप्रिंट जांच होगी। पुलिस यमुना नदी में शव और आरोपी का मोबाइल तलाशने की तैयारी कर रही है।
विस्तार
कार ने खोले वारदात के रास्ते के राज
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी ने MP 07 ZY 0159 नंबर की कार ग्वालियर के एडमिशन एजेंट दीपक बादल से मंगवाई थी। आरोपी का दीपक से कॉलेज में छात्रों के प्रवेश को लेकर संपर्क था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पहले भी जरूरत पड़ने पर दीपक से कार लेता था। बताया जा रहा है कि वारदात से कुछ दिन पहले आरोपी इसी कार से परिवार के साथ खाटू श्याम भी गया था।
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कानपुर का बहाना... और फिर हत्या!
पुलिस के मुताबिक, सत्यप्रकाश स्नेहलता को अपने जीवन से अलग करना चाहता था और बच्चे को अपने पास रखना चाहता था। स्नेहलता इसके लिए तैयार नहीं थी। इसके बाद आरोपी ने कथित तौर पर अपने परिचित राजवीर खन्ना, जो 108 एंबुलेंस ड्राइवर है, और गोलू जाटव के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। स्नेहलता को कॉलेज में छात्रों के प्रवेश के प्रचार-प्रसार के सिलसिले में कानपुर जाने का झांसा देकर कार में साथ ले जाया गया।
रास्ते में हमला, फिर गला कसकर हत्या
आरोपी के बताए घटनाक्रम के अनुसार, रास्ते में स्नेहलता पर हमला किया गया। इसके बाद गमछे से गला कसकर उनकी हत्या कर दी गई। पुलिस का दावा है कि वारदात में दोनों साथियों ने भी सहयोग किया। हत्या के बाद तीनों कुछ समय तक कार से घूमते रहे और रात करीब 3 बजे पचनदा के पास यमुना नदी के पुल पर पहुंचे। यहीं से शव को नदी में फेंकने की बात सामने आई है।
पचनदा पहुंची पुलिस, कराया क्राइम रीक्रिएशन
पूछताछ के बाद पुलिस सोमवार को आरोपी को पचनदा लेकर पहुंची। यहां यमुना नदी के पुल पर पुलिस ने क्राइम रीक्रिएशन कराया, ताकि आरोपी के बताए घटनाक्रम और मौके की वास्तविक स्थिति का मिलान किया जा सके। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि वारदात के दौरान कार में कौन-कौन मौजूद था और किसकी क्या भूमिका थी।
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कार की जांच से मिल सकते हैं अहम सबूत
जब्त कार अब जांच का सबसे अहम हिस्सा बन गई है। पुलिस कार में फिंगरप्रिंट, अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य और संभावित जैविक साक्ष्यों की तलाश करेगी। इसके लिए कार को FSL जांच के लिए सागर भेजने की तैयारी है। इसके साथ ही पुलिस CCTV फुटेज, मोबाइल लोकेशन और दूसरे तकनीकी साक्ष्यों को भी जांच में शामिल कर रही है।
मोबाइल भी नदी में फेंकने का दावा
थाना प्रभारी अनीता गुर्जर के मुताबिक, पुलिस को जानकारी मिली है कि शव को नदी में फेंकते समय आरोपी ने अपना मोबाइल फोन भी यमुना में फेंक दिया था। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती स्नेहलता के शव को तलाशना है। इसके लिए भोपाल से विशेषज्ञ टीम बुलाने की तैयारी की जा रही है, जो नदी में उतरकर तलाशी अभियान में मदद करेगी।

स्नेहलता आरोपी सत्यप्रकाश के साथ।
