Bhind: गोहद की बेसली नदी में फेंके गए लंपी वायरस से ग्रसित मृत मवेशियों के शव, वीडियो वायरल
देश के कई राज्यों में लंपी वायरस के प्रकोप से गोवंश की मौत का तांडव देखने को मिला। वहीं, मध्यप्रदेश के भिंड जिले में गोहद नगर पालिका की ओर से लापरवाही की बड़ी तस्वीरें सामने आईं। एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें मृत गोवंश के शव बेसली नदी में फेंके जा रहे हैं।
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कहने को लंपी वायरस जानवरों में फैलता है। इंसानों पर इसका असर नहीं, लेकिन इन मृत मवेशियों के शव से दूषित पानी पीने से लोगों के स्वास्थ्य और जान दोनों पर बन सकती है। इसी तरह की लापरवाही भिंड जिले के गोहद नगर पालिका में देखने को मिली। जहां लोगों को जन सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जिम्मेदार नगर पालिका के कर्मचारी ही खिलवाड़ करते कैमरे में कैद हुए।
दरअसल, भिंड में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें बेसली नदी के पुल से ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरे मृत गोवंश के शव नदी में फेंके जा रहे थे। पड़ताल करने पर पता चला कि यह वीडियो भिंड जिले में गोहद नगर पालिका क्षेत्र का है, जिसमें नजर आ रहा है कि ट्रैक्टर भी नगर पालिका परिषद गोहद का है। नगर पालिका कर्मचारियों द्वारा ही गोवंश के शव बेसली नदी पर बने छोटे पुल से फेंके जा रहे हैं।
इन दिनों जानवरों से जानवरों में फैलने वाला लंपी वायरस कहर बना हुआ है। ऐसे में नदी में डाले गए मवेशियों के शव लंपी वायरस से ग्रसित होने की संभावना जताई जा रही थी। यदि ऐसा होता है तो नदी के पानी के संपर्क से वायरस आगे जाकर नदी का पानी पीने वाले जानवरों और इंसानों पर भी कितना असर कर सकता है। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के मुख्य जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर यूपीएस कुशवाह ने बताया, लंपी वायरस जानवरों में फैलता है। इंसानों के संपर्क में आने की परिस्थिति के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने अपने स्वास्थ्य का हवाला देते हुए डेढ़ महीने की छुट्टी पर होने की बात कही। वहीं, जब जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉक्टर अनिल गोयल से लंपी से दूषित पेयजल जनसेवा करने पर इंसानों में दुष्प्रभाव को लेकर सवाल किया तो उन्होंने भी इस बात का ज्ञान न होने की बात कह कुछ भी कहने से मना कर दिया।
वहीं, गोहद में लापरवाही का वीडियो सामने आने के बाद नगर पालिका सीएमओ सतीश कुमार दुबे ने बताया, यह घोर लापरवाही है। नगर पालिका के दोनों कर्मचारी दैनिक वेतनभोगी हैं। इसलिए उन्हें नगर पालिका की सेवाओं से तुरंत हटाया जाता है। साथ ही अन्य सभी ड्राइवर और कर्मचारियों को भी हिदायत दे दी है कि इस तरह की लापरवाही आगे से नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा, मृत गोवंश लंपी वायरस से ग्रसित नहीं थे। वह सड़क हादसों का शिकार हुए मवेशी थे। इस तरह के मवेशियों को नगर के केशव पार्क की जमीन पर इकट्ठा कर गड्ढा बनाकर दफनाने की व्यवस्था की गई है। लंपी वायरस से मवेशियों की मौत का अब तक कोई मामला गोहद क्षेत्र में नहीं आया है।
