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दंगा मामले में पिंजरा तोड़ की सदस्य देवांगना कलीता को दी जमानत
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नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने फरवरी में हुए उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगा मामले में गिरफ्तार पिंजरा तोड़ समूह की सदस्य देवांगना कलीता को मंगलवार को जमानत दे दी। दंगे से पहले जाफराबाद इलाके में सीएए के विरोध में लोगों को भड़काने समेत अन्य मामलों में कलीता को गिरफ्तार किया गया था।
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न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत की एकल पीठ ने जेएनयू की छात्रा देवांगना कलीता को 25 हजार रूपए के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
जमानत देते हुए पीठ ले कलीता को निर्देश दिया कि वह मामले से संबंधित गवाहों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर प्रभावित ना करें और मामले से जुड़े सबूतों के साथ भी छेड़छाड़ की कोशिश ना करें।
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संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के विरोध में फरवरी में उत्तर पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में हुए दंगों से जुड़े एक मामले में दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने देवांगना कलीता और पिंजरा तोड़ समूह की अन्य सदस्य नताशा नरवाल को मई में गिरफ्तार किया था।
इन दोनों पर दंगा करने, गैरकानूनी तरीके से एकत्रित होने और हत्या की कोशिश करने सहित भारतीय दंड संहिता की अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। कलीता पर आरोप है कि दंगे से एक दिन पहले 23 फरवरी को उन्होंने जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के पास लोगों को सीएए के खिलाफ उकसाया था और उसके अगले ही दिन इलाके में दंगा शुरू हो गया था।
कलीता पर दिसंबर में सीएए के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान पुरानी दिल्ली के दरियागंज इलाके में हुई हिंसा और उत्तर पूर्वी दिल्ली में दंगे सहित कुल चार मामले दर्ज हैं। उत्तरपूर्वी दिल्ली में 24 और 25 फरवरी को हुए दंगे में 53 लोगों की जान गई थी और 250 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। इस बीच सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को भी भारी मात्रा में नुकसान पहुंचाया गया था।
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