West Asia LIVE: लेबनान में एक फ्रांसीसी सैनिक की मौत, तीन घायल; मैक्रों ने हिजबुल्ला पर जताया संदेह
West Asia Crisis Live Updates: पश्चिम एशिया इस समय एक बेहद नाजुक मोड़ पर खड़ा है, जहां एक तरफ युद्धविराम की हल्की रोशनी दिखाई दे रही है, वहीं दूसरी तरफ अस्थिरता की आग अभी भी पूरी तरह बुझी नहीं है। अमेरिका-ईरान तनाव और कई दिनों की खींचतान के बाद अब बातचीत और शांतिवार्ता की कोशिशें तेज हुई हैं, जिससे क्षेत्र में राहत की उम्मीद जगी है। इसी बीच इस्राइल और लेबनान के बीच 10 दिन का युद्धविराम लागू होने से हालात में थोड़ी नरमी आई है और लेबनान में जश्न का माहौल भी देखा जा रहा है। लेकिन खतरा अभी टला नहीं है, क्योंकि हिजबुल्ला की धमकी ने स्थिति को फिर से सख्त बना दिया है। अमर उजाला के इस लाइव ब्लॉग में पढ़ें पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से जुड़े तमाम पल-पल अपडेट्स...
लाइव अपडेट
लेबनान में एक फ्रांसीसी सैनिक की मौत, तीन घायल; मैक्रों ने हिजबुल्ला पर जताया संदेह
लेबनान में तनाव लगातार बढ़ता ही जा रहा है। इस बीच खबर आई है कि संयुक्त राष्ट्र शांति सेना पर हुए हमले में एक फ्रांसीसी सैनिक स्टाफ सार्जेंट फ्लोरियन मोंटोरियो शहीद हो गए। वहीं तीन और सैनिक घायल हुए हैं। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने खुद इसकी पुष्टि की है। मोंटौबन स्थित '17वीं पैराशूट इंजीनियर रेजिमेंट' से ताल्लुक रखने वाले ये सैनिक इलाके में सुरक्षा अभियान चला रहे थे। राष्ट्रपति मैक्रों ने हिजबुल्ला पर संदेह जताया है और लेबनानी अधिकारियों से दोषियों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की है।मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका को धमकाया, कहा-हार का स्वाद चखाने के लिए तैयार है ईरानी नौसेना
ईरान और अमेरिका के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर जारी जुबानी जंग अब और अधिक आक्रामक हो गई है। ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अमेरिकी सेना को सीधी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है। युद्ध की शुरुआत के बाद से पहली बार सार्वजनिक रूप से संदेश में खामेनेई ने कहा कि ईरान की बहादुर नौसेना दुश्मनों को हार का स्वाद चखाने के लिए पूरी तरह तैयार है।होर्मुज में बढ़ा तनाव, ईरानी गनबोट्स ने तेल टैंकर पर की अंधाधुंध फायरिंग
सामरिक रूप से संवेदनशील होर्मुज के पास एक बार फिर समुद्री सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। खबर आई है कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़ी गनबोट्स ने एक तेल टैंकर पर अंधाधुंध फायरिंग की है। अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पर हुई इस आक्रामक कार्रवाई ने वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। फिलहाल किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।ईरानी उप विदेश मंत्री खतीबजादे का बड़ा बयान, कहा- अमेरिका को नहीं सौंपेंगे संवर्धित यूरेनियम
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा गतिरोध एक बार फिर गहरा गया है। ईरानी उप विदेश मंत्री सईद खतीबजादे ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने ईरान के संवर्धित यूरेनियम को अपने कब्जे में लेने की बात कही थी। खतीबजादे ने स्पष्ट किया कि ईरान वर्तमान परिस्थितियों में अमेरिका के साथ आमने-सामने की बातचीत के लिए बिल्कुल तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि भविष्य की किसी भी वार्ता की राह में सबसे बड़ी बाधा अमेरिका का अड़ियल रवैया है, जिसे उसने अभी तक नहीं त्यागा है।पश्चिम एशिया संकट: श्रीलंका के पर्यटन में भारी गिरावट,‘संकटमोचक’ बनकर उभरा भारत
श्रीलंका पर्यटन विकास प्राधिकरण के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते मार्च महीने में श्रीलंका पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। जनवरी और फरवरी में औसतन 2.77 लाख पर्यटक आए थे, वहीं मार्च में यह आंकड़ा घटकर महज 1,83,979 रह गया है। खाड़ी देशों के प्रमुख ट्रांजिट हब प्रभावित होने के कारण यूरोप से आने वाले पर्यटकों ने हाथ खींच लिए हैं। लेकिन इस मंदी के दौर में भारत श्रीलंका के लिए सबसे बड़ा सहारा बनकर उभरा है। मार्च में सर्वाधिक 47,533 भारतीय पर्यटक श्रीलंका पहुंचे, जो कुल बाजार का 25.8 प्रतिशत है। प्राधिकरण का कहना है कि भारत के साथ सीधी हवाई कनेक्टिविटी होने और ट्रांजिट हब पर निर्भरता न होने के कारण भारतीय बाजार ने यूरोप से हुए नुकसान की काफी हद तक भरपाई की है।होर्मुज पर ईरान की सख्ती फिर बढ़ी
ईरान ने एक बार फिर होर्मुज जलडमरूमध्य पर कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए हैं। इस कदम के साथ ही क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने उस समझौते का उल्लंघन किया है, जिसके तहत इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को खोलने पर सहमति बनी थी। अमेरिकी एजेंसी AP की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने कहा है कि अमेरिका की हालिया कार्रवाइयों और दबाव की नीति ने स्थिति को अस्थिर कर दिया है, जिसके चलते उसे यह निर्णय लेना पड़ा।सीजफायर के बाद भी ईरान में नहीं लौटी सामान्य जिंदगी
ईरान में हवाई हमलों के थमने और संघर्षविराम लागू होने के बावजूद आम लोगों की जिंदगी अब भी पटरी पर नहीं लौट पाई है। खासतौर पर बच्चों की पढ़ाई और कामकाजी अभिभावकों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है, क्योंकि देशभर में स्कूल अब भी बंद हैं। दरअसल, 28 फरवरी को शुरू हुए युद्ध के बाद से ही ईरान में स्कूल बंद कर दिए गए थे। हालांकि संघर्षविराम के बाद हवाई हमलों का खतरा कुछ कम हुआ है, लेकिन अभी तक स्कूलों के दोबारा खुलने को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। इससे लाखों परिवारों की दिनचर्या प्रभावित हुई है।होर्मुज खुलने से जिनपिंग काफी खुश- ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के खुलने से चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग काफी खुश हैं। ट्रंप के अनुसार, इस फैसले से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में स्थिरता आएगी, जिसका सीधा फायदा चीन जैसे बड़े तेल आयातक देशों को मिलेगा। यहां पढ़ें पूरी खबर...ईरानी दूतावास बोला- ट्रंप को थोड़ा शांत रहना चाहिए
ईरानी दूतावास ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा तंज कसा है। जिम्बाब्वे स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया पर व्यंग्यात्मक अंदाज में लिखा कि ट्रंप को थोड़ा शांत रहना चाहिए, फोन बंद करके आराम करना चाहिए और कुछ दिनों तक इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत से भी दूरी बनानी चाहिए। दूतावास ने यह भी साफ कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े सभी फैसले ईरान स्वयं करेगा।1. Try not to show yourself too happy. Have a little prestige;
— Iran Embassy in Zimbabwe (@IRANinZIMBABWE) April 17, 2026
2. Never, (emphasize) never think to the new legal regime of the Strait of Iran. We will fix it;
3. Turn off the phone, relax, no more posts and, block Bibi for one week;
4. Eat a light dinner and sleep well. pic.twitter.com/dYicAvzvHn
ट्रंप के हालिया बयानों को पूरी तरह गलत- गालिबाफ
ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने अमेरिका पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि क्षेत्रीय हालात को लेकर भ्रामक जानकारी फैलाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों को पूरी तरह गलत बताया।गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका के दावों में कोई सच्चाई नहीं है और इस तरह की बयानबाजी से न तो युद्ध में कोई बढ़त मिली है और न ही बातचीत में कोई फायदा होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समुद्री नाकाबंदी जारी रहती है, तो होर्मुज जलडमरूमध्य खुला रहना मुश्किल हो जाएगा।