West Asia Crisis LIVE: ईरान-अमेरिका समझौते पर इस्राइल को ऐतराज, इस्राइली हमले में लेबनान में एक की मौत
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Mon, 15 Jun 2026 09:37 PM IST
शिवम गर्ग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन/तेहरान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन/तेहरान
Published by: शिवम गर्ग
Updated Mon, 15 Jun 2026 09:37 PM IST
खास बातें
Israel Iran US Conflict Live Updates: पश्चिम एशिया में 28 फरवरी से शुरू हुई जंग अब शांति की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है, क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर सहमति बन गई है। इस ऐतिहासिक समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर समारोह 19 जून को स्विट्जरलैंड में आयोजित किया जाएगा। अमर उजाला के इस लाइव ब्लॉग में पढ़ें पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से जुड़े तमाम पल-पल अपडेट्स...
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अमेरिका ईरान युद्ध
- फोटो : Amar Ujala Graphics
लाइव अपडेट
09:36 PM, 15-Jun-2026
इस्राइली हमले में लेबनान में एक की मौत
अमेरिका-ईरान के बीच युद्धविराम समझौते की घोषणा के बाद इस्राइल ने लेबनान में ड्रोन से हमला किया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई। इस्राइली ड्रोन ने एक कार को निशाना बनाया, जिसमें उसका ड्राइवर मारा गया। लेबनानी सुरक्षा सूत्रों और सरकारी मीडिया ने हमले की सूचना दी। यह भी कहा कि युद्धविराम समझौते के बाद लेबनान में यह पहला हमला था।03:39 PM, 15-Jun-2026
दुनिया को राहत देगा समझौता, ऊर्जा कीमतें घटेंगी; पूर्व राजनयिक दिनकर श्रीवास्तव का दावा
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए हुए समझौते को भारत के पूर्व राजनयिक दिनकर पी. श्रीवास्तव ने बेहद महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि इस समझौते से होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए व्यापार दोबारा सामान्य हो सकेगा, जिससे वैश्विक बाजारों में स्थिरता आएगी और ऊर्जा कीमतों में कमी देखने को मिल सकती है। उन्होंने कहा कि यह समझौता ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर आगे की वार्ताओं का भी रास्ता खोलता है। श्रीवास्तव के अनुसार, अमेरिका और ईरान के हितों में पर्याप्त समानता है, जिससे बातचीत में आने वाली बाधाएं दूर हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि 2015 के परमाणु समझौते से अमेरिका के बाहर निकलने के कारण ईरान का अविश्वास स्वाभाविक है, लेकिन अब कूटनीतिक समाधान ही आगे का रास्ता है।
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01:22 PM, 15-Jun-2026
समझौते पर क्या बोलीं यूरोपीय संघ की अध्यक्ष?
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते का स्वागत करते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य को तत्काल और पूरी तरह खोलने की मांग की है। उन्होंने कहा कि नौवहन की स्वतंत्रता बिना किसी शुल्क और बाधा के बहाल होनी चाहिए, क्योंकि यह क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह समझौता पश्चिम एशिया में शांति और सुरक्षा पर व्यापक वार्ता का रास्ता खोल सकता है। साथ ही उन्होंने ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक कार्यक्रमों पर भी समाधान की जरूरत बताई। यूरोपीय संघ ने लेबनान में स्थायी युद्धविराम और उसकी संप्रभुता के सम्मान की भी अपील की।01:19 PM, 15-Jun-2026
अमेरिका-ईरान समझौते क्या बोले पीएम मोदी?
भारत ने अमेरिका और ईरान के बीच पश्चिम एशिया में संघर्ष समाप्त करने को लेकर बनी समझ पर स्वागत जताया है। भारत ने कहा कि इस संघर्ष से वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई और कई देशों में जान-माल का नुकसान हुआ। भारत को उम्मीद है कि इस समझौते के प्रभावी क्रियान्वयन से क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल होगी। साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य सहित समुद्री मार्गों पर नौवहन और व्यापार की स्वतंत्रता सुनिश्चित हो सकेगी। भारत ने यह भी कहा कि बाकी बचे मुद्दों पर बातचीत आगे बढ़े और एक स्थायी तथा व्यापक अंतिम समझौता जल्द संपन्न हो।12:01 PM, 15-Jun-2026
समझौते पर इस्राइल में मतभेद, सुरक्षा मंत्री बेन-गवीर ने किया विरोध
अमेरिका समर्थित अमेरिका-ईरान शांति समझौते को लेकर इस्राइल के भीतर विरोध के स्वर उभरने लगे हैं। इस्राइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गवीर ने समझौते को खारिज करते हुए कहा कि इस्राइल इस समझौते का पक्षकार नहीं है और वह इसे मानने के लिए बाध्य नहीं है। उन्होंने कहा कि इस्राइल एक स्वतंत्र और संप्रभु देश है, न कि अमेरिका के अधीन कोई राष्ट्र। बेन-गवीर ने दावा किया कि यह समझौता इस्राइल की सुरक्षा चिंताओं को पर्याप्त रूप से संबोधित नहीं करता। उन्होंने यह भी कहा कि लेबनान में इस्राइली सैनिकों द्वारा कब्जे में लिए गए किसी भी क्षेत्र से पीछे नहीं हटना चाहिए। उनके बयान ने समझौते को लेकर इस्राइल के भीतर राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।11:13 AM, 15-Jun-2026
अमेरिकी-ईरान समझौते पर इस्राइल में विरोध, यायर गोलन ने नेतन्याहू को घेरा
अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते को लेकर इस्राइल में राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। डेमोक्रेट्स पार्टी के प्रमुख यायर गोलन ने इस समझौते को इस्राइल के लिए खराब करार देते हुए प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस्राइली वायुसेना और सैनिकों के साहस से हासिल सैन्य उपलब्धियां इस समझौते के कारण कमजोर पड़ गई हैं। गोलन ने आरोप लगाया कि नेतन्याहू ने देश की रणनीतिक बढ़त गंवा दी और पूर्ण विजय का वादा करने के बावजूद इस्राइल को कमजोर स्थिति में पहुंचा दिया। उन्होंने इसे वर्षों की नीतिगत विफलताओं का परिणाम बताया।
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10:41 AM, 15-Jun-2026
शांति समझौते के बीच जमी संपत्तियों पर नया विवाद
अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित शांति समझौते के बीच ईरान की जमी हुई संपत्तियों को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका 12 अरब डॉलर की ईरानी संपत्तियां जारी करने पर विचार कर रहा है। ईरान की मेहर समाचार एजेंसी ने दावा किया है कि 60 दिनों की वार्ता अवधि के दौरान कुल 24 अरब डॉलर की जमी हुई संपत्तियां जारी की जाएंगी, जिनमें से आधी राशि बातचीत शुरू होने से पहले उपलब्ध कराई जाएगी। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा है कि ईरान की ओर से समझौते की शर्तें लागू किए बिना कोई राशि जारी नहीं की जाएगी। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही अमेरिका-ईरान शांति समझौते की घोषणा कर चुके हैं। ईरान ने भी कहा है कि अंतिम समझौते पर आगे बढ़ने से पहले वह अमेरिका की प्रतिबद्धताओं, नाकाबंदी हटाने और संपत्तियां जारी करने जैसे वादों का सत्यापन करेगा। शांति समझौते पर शुक्रवार को जिनेवा में हस्ताक्षर होने की संभावना है।10:22 AM, 15-Jun-2026
दुश्मनों के पास आत्मसमर्पण करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था- ईरानी सेना
अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष विराम और शांति समझौते की घोषणा के बाद ईरानी सेना ने बड़ा दावा किया है। ईरान के सैन्य मुख्यालय ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि उसने युद्ध के दौरान अमेरिका और इस्राइल को अपमानित किया और उन्हें हार स्वीकार करने पर मजबूर कर दिया। सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित बयान में कहा गया कि ईरानी बलों ने अपनी सैन्य क्षमता और दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रदर्शन करते हुए विरोधियों को पीछे हटने पर मजबूर किया। ईरानी सेना के अनुसार, दुश्मनों के पास पराजय और आत्मसमर्पण स्वीकार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। यह बयान ऐसे समय आया है, जब दोनों देशों के बीच संघर्ष समाप्त करने को लेकर समझौते की घोषणा की गई है।06:19 AM, 15-Jun-2026
ब्रिटेन और संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने दी प्रतिक्रिया
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली तकनीकी वार्ताओं का समर्थन करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब ध्यान समझौते को प्रभावी रूप से लागू करने पर होना चाहिए, ताकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह और स्थायी रूप से खुला रह सके। स्टार्मर ने अपने बयान में यह भी कहा कि इस जलमार्ग में "टोल-फ्री नेविगेशन" की सुविधा तुरंत बहाल की जानी चाहिए, जिससे वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति को स्थिरता मिल सके।इस बीच संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते का स्वागत किया है। उन्होंने इसे संघर्ष के तत्काल और स्थायी समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। गुटेरेस ने पाकिस्तान, कतर, मिस्र, सऊदी अरब, तुर्की सहित कई क्षेत्रीय देशों की सराहना की, जिन्होंने इस समझौते तक पहुंचने में रचनात्मक भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि यह समझौता आगे की वार्ताओं के लिए एक मजबूत आधार तैयार करता है।
06:19 AM, 15-Jun-2026
ईरान ने अमेरिका के साथ शांति समझौते की पुष्टि की
ईरान के कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप विदेश मंत्री काजम गरीबाबादी ने अमेरिका के साथ शांति समझौते की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि तेहरान प्रस्तावित 60 दिन की वार्ता अवधि में अंतिम समझौते के लिए तभी प्रवेश करेगा, जब वह शत्रुता समाप्त करने, नाकाबंदी हटाने और ईरानी संपत्तियों को जारी करने संबंधी वॉशिंगटन की प्रतिबद्धताओं का सत्यापन कर लेगा। ईरान के सरकारी संबद्ध प्रेस टीवी के अनुसार, गरीबाबादी ने कहा कि समझौते पर आधिकारिक हस्ताक्षर समारोह शुक्रवार को होगा, जिसके बाद समझौता ज्ञापन (MoU) सार्वजनिक किया जाएगा।